बांसगांव के गोपालपुर में सात अप्रैल को हुई रीपर मालिक नागेंद्र की हत्या उसकी पत्नी ने प्रेमी से कराई थी। पत्नी की सूचना पर प्रेमी ने नागेंद्र को फोन कर भूसा खरीदने की बात कहकर धनोजी पुलिया पर बुलाया था। जहां बातचीत के दौरान उसने भांजे के साथ मिलकर उसे गोली मार दी थी।
पुलिस लाइंस में शनिवार को प्रेस वार्ता कर एसएसपी अनंत देव ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोपालपुर गांव के सवरूपुर टोला निवासी नागेंद्र सिंह की शादी दो साल पहले संतकबीनगर कोतवाली के मलोरना की माधुरी सिंह से हुआ था। वह रीपर चलाकर परिवार की जीविका चलाता था। सात अप्रैल की शाम को उसकी हत्या कर दी गई थी।
क्राइम ब्रांच के साथ ही बांसगांव पुलिस मामले की छानबीन में जुटी थी। सर्विलांस की मदद से पता चला कि नागेंद्र की हत्या उसकी पत्नी माधुरी ने मायके में रहने वाले प्रेमी रणंजय सिंह से कराई है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर सच्चाई का पता चला। रणंजय सिंह उर्फ रिंकू ने बताया कि चार साल से दोनों में प्रेम संबंध है। जून 2014 में उसकी शादी हो गई। एक महीने बाद माधुरी की भी शादी हो गई, लेकिन उनके बीच बातचीत चलती रही।
एक साल पहले रणंजय की पत्नी की मौत होने के बाद दोनों की नजदीकी बढ़ गई। शादी करने के लिए दोनों ने नागेंद्र के हत्या का प्लान तैयार किया। सात अप्रैल को माधुरी से नागेंद्र का लोकेशन लेने के बाद रणंजय सिंह अपने भांजे हरपुर-बुदहट के सहिजना निवासी राहुल सिंह के साथ धनोजी पुलिया पहुंचा, जहां नागेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। रणंजय, उसके भांजे राहुल और माधुरी को पुलिस ने दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
एक महीने पहले प्रेमी संग गई थी वैष्णो देवी
रणंजय सिंह, अपनी बहन, बहनोई, भांजे के साथ माधुरी को लेकर वैष्णो देवी गया था। यात्रा के दौरान ही उन्होंने शादी की योजना बनाई। नागेंद्र की मौत के बाद रास्ता साफ होने और किसी को संदेह न होने की योजना बनाकर प्रेमी ने वारदात को अंजाम दिया।
25 हजार रुपये में खरीदी थी पिस्टल
रणंजय जल निगम के नवापार स्थित कार्यालय में संविदा पर पाइप फिटर का काम करता है। वैष्णो देवी से लौटकर वह नागेंद्र की हत्या की योजना में जुटा था। इसके लिए उसने संतकबीरनगर के मोटर मैकेनिक से 25 हजार रुपये में पिस्टल और दो कारतूस खरीदे थे।
हत्या के बाद माधुरी ने फेंक दिया सिमकार्ड
पति की हत्या की जानकारी के बाद माधुरी मेडिकल कॉलेज पहुंची। देर रात लौटते समय रास्ते में रणंजय से मिले सिमकार्ड को मोबाइल से निकालकर फेंक दिया, ताकि किसी को संदेह न हो। गोली मारने के बाद रणंजय ने फोन कर उसे घटना की जानकारी दी, लेकिन परिवार वालों को सूचना मिलने तक वह चुप रही।