गुलरिहा इलाके में शनिवार को शव दफनाने के दौरान कब्रिस्तान की जमीन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए। सूचना पाकर आनन फानन में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी पहले तो पूर्व में कब्रिस्तान बताकर शव दफन कराने लगे। इस दौरान पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी के सीमांकन की मांग पर पैमाईश की गई तो जमीन ग्राम सभा की निकली। अधिकारियों ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई का आदेश देकर दोनों समुदाय में होने वाले टकराव को रोक दिया।
गुलरिहा इलाकेे के बरगदही स्थित शहीद बाबा की मजार के समीप ग्राम सभा की जमीन पर वर्षों से एक समुदाय द्वारा शव दफन किया जाता है। शनिवार को भी विशेष समुदाय के लोग शव दफनाने वहां पहुंचे तो बगल में रहने वाले रामजी यादव, राजेंद्र यादव आदि ने ग्राम सभा की जमीन बता कर शव दफनाने से रोक दिया। सूचना पाकर पहुंचे इंस्पेक्टर बीबी सिंह एवं सीओ गोरखनाथ चारु निगम ने पूर्व में शव दफन करने का हवाला देकर शव को दफन कराने लगे। इसी बीच पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी ने कब्रिस्तान की जमीन के सीमांकन की मांग करने लगे। इसके बाद मौके पर एसडीएम सदर नलिनीकांत के नेतृत्व में पहुंची राजस्व टीम ने जमीन की पैमाइश की तो विवादित जमीन ग्राम सभा की मिली।
एसडीएम द्वारा एसपी सीटी हेमराज मीणा की मौजूदगी में तत्काल कब्रिस्तान की जमीन का सीमांकन करते हुए ग्राम सभा की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किए लोगों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। प्रशासन की त्वरित कार्यवाही से सांप्रदायिक विवाद होने से बच गया। इस दौरान चौकी प्रभारी श्रवण कुमार शुक्ला, उपनिरीक्षक अक्षय कुमार शुक्ला, प्रवींद्र कुमार राय, सर्वेश कुमार सिंह ,कानूनगो घनश्याम शुक्ला आदि मौजूद रहे।