पुलिस के अधिकारी जहां दिन रात मेहनत करके पुलिस की छवि को सुधारने की जुगत में लगें है, तो वहीं उनके मातहत व्यवस्था में सहयोग करने की बजाए उसका पलीता निकालने में लगे हुए है। ऐसा ही एक कारनामा शाहपुर इलाके में दो सिपाहियों ने कर दिया। आरोप है कि सिपाहियों ने एक मजदूर की जेब में रखी दिहाड़ी के 430 रुपये पुलिसियां रसूख के बल पर निकलवां लिए। मजदूर गिड़गिड़ाता रहा लेकिन सिपाहियों ने उसकी जेब में घर जाने भर का किराया भी नहीं छोड़ा।
महाराजगंज के रहने वाले ऋषि सोमवार की सुबह गोरखपुर काम की तलाश में आए थे। काफी मशक्कत के बाद पादरी बाजार के रहने वाले प्रमोद के यहां उन्हें 480 रुपये की दिहाड़ी पर काम मिला। काम खत्म करने के बाद मालिक से मेहनाता पाकर ऋषि के चेहरे पर मुस्कान थी। महाराजगंज में कम मजदूरी मिलने के चलते 60 कि.मी दूर गोरखपुर काम करने आने का उनका फैसला कारगार रहा। 50 रुपये का सामान लेकर देर रात ऋषि संगम चौराहे पर आटो का इंतजार कर रहे थे। इतने में बाइक सवार दो सिपाहियों ने उन्हें रोक लिया।
पूछताछ के बहाने जेब में रखे 430 रुपये निकाल लिए। काफी मिन्नतों के बाद भी सिपाहियों का मन ना पसीजा। जेब में किराए भर की रकम भी ना छोड़ी। ठंड में जैसे तैसे ऋषि ने पूरी रात यहां-वहां गुजारी। सुबह टहलने निकले लोगों से घर जाने के रुपये की मदद मांगी। लोगों उसे पादरी बाजार चौकी ले गए। चौकी इंचार्ज से शिकायत की गई। इसका संज्ञान लेते हुए चौकी इंजार्ज श्याम सुंदर तिवारी ने सभी सिपाहियों की शिनाख्त परेड कराई, लेकिन लूट करने वाले सिपाहियों का कुछ पता न चल सका। बाद में स्थानीय लोगों और चौकी इंचार्ज के चंदा लगाकर मजदूर को घर भेजने के लिए किराए की व्यवस्था कराई।