सतीश कुमार पांडेय
पुलिसकर्मी को अच्छा व्यवहार करने का तरीका सिखाया जाएगा। थाने में आने वाले फरियादी के साथ ही वाहन चेकिंग, ट्रैफिक कंट्रोल के दौरान लोगों से किस लहजे में बात करें यह एक्सपर्ट बताएंगे। ईद के बाद पुलिस लाइंस में कार्यशाला होगी जिसमें जोन के सभी थाने के एसओ के अलावा सीओ शामिल होंगे।
अधिकारियों के पास रोजाना यह शिकायत पहुंचती है कि फरियाद लेकर थाने जाने पर दरोगा, सिपाही या दीवान का व्यवहार अच्छा नहीं रहा। प्रतिकार करने पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। पीड़ित के साथ बुरा बर्ताव करने के कारण आम लोगों के प्रति पुलिस की धारण गलत हो गई है। इसे ठीक करने के लिए डीजीपी ने पहल की है। जोन स्तर पर पांच दिन की कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। गोरखपुर में ईद के बाद यह कार्यक्रम आईजी जोन की देखरेख में होना है।
लखनऊ से आए एक्सपर्ट पुलिसकर्मियों से बातचीत करके थाने में आने वाली शिकायत की जानकारी लेने के साथ ही मामले को डील करने का तरीका बताएंगे। फरियादी के साथ किसी तरीके से बात की जाए इसे सिखाएंगे। पांच दिन तक चलने वाली ट्रेनिंग गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन रेंज के सभी थानों के एसओ, सीओ के अलावा एडिशनल एसपी मौजूद रहेंगे। प्रशिक्षण लेने के बाद अपने जिले में अन्य पुलिसकर्मियों को थाने में जाकर इसकी जानकारी देंगे।
पब्लिक के साथ खराब व्यवहार करने की शिकायत आए दिन मिलती है। फरियादी से बातचीत के तौर तरीके की जानकारी देने के बाद इसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। ट्रेनिंग कराने का मकसद पब्लिक के मन में पुलिस की बेहतर छवि बनाना है।
- मोहित अग्रवाल, आईजी जोन