सहजनवां इलाके में बसपा प्रत्याशी जीएम सिंह के बेटे, भतीजे और समर्थकों द्वारा बीजेपी व सपा के एजेंट के अपहरण मामले में पुलिस ने तीन समर्थकों को जेल भेजा है। उधर, खोराबार के प्यासी गांव में वोट न देने को लेकर सास-बहू को पीटे जाने के 24 घंटे बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। अब सोमवार को पीड़ित एसएसपी से मुलाकात करने की तैयारी में है।
मालूम हो कि सहजनवां इलाके में वोट के दौरान ही मस्करा इंटर कॉलेज से बीजेेपी, सपा के एजेंट और एक मतदाता के अपहरण का मामला सामने आया था। करीब दो घंटे बाद पुलिस ने बसपा प्रत्याशी जीएम सिंह के घर से ही तीनों को मुक्त कराया था। इस मामले में पुलिस ने जीएम सिंह के बेटे, भतीजे समेत पंद्रह अज्ञात लोगों पर अपहरण और बंधक बनाने का मुकदमा दर्ज किया था।
मामले में शनिवार की देर रात पुलिस ने तीन समर्थकों को गिरफ्तार किया था। इन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने गाहासाड़ के हरिकेश सिंह, रणविजय सिंह और शैलेंद्र को जेल भेजा है। उधर, प्यासी गांव में फूलमती और बहू सुरसती के पिटाई मामले में पुलिस घटना को ही फर्जी बताने में जुटी है। फूलमती के मुताबिक वोट न देने पर उसे मारापीटा गया था। फूलमती ने बताया कि सोमवार को वह एसएसपी से मिलेंगी।
अपहरण का मुकदमा दर्ज
गुलरिहा थाने में करमहां बुजर्ग गांव की पांच साल की बच्ची के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया है। संगीता मौर्या पत्नी मुन्नालाल ने बताया कि बेटी पूजा (10) एक मार्च की शाम पांच बजे बाजार गई थी और वहीं से गायब हो गई। काफी खोजने पर पता चला कि गांव के कोईल के घर पर रामकोला कुशीनगर निवासी अभिमन्यु रहता है। कोईल व उसकी पत्नी सुनीता ने पूजा को बहला फुसलाकर अभिमन्यु के साथ भगा दिया। जिसके बाद उसकी तलाश की गई मगर वह नहीं मिला। रविवार को पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।