विंध्यवासिनी नगर में रेलवे के इंजीनियर और उनकी पत्नी की हत्या के मामले में पकड़े गए तीसरे आरोपी राजू को लेकर पुलिस ने नया खुलासा किया है। आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि वारदात के बाद राजू लूटे गहने लेकर छत्तीसगढ़ स्थित ससुराल अपनी नाराज पत्नी को मनाने गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लोकेशन मिलने के बाद पुलिस वहां पहुंची तो वह भाग निकला। घेराबंदी कर शुक्रवार की देर रात दुर्गाबाड़ी के पास उसे कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया।
पुलिस लाइंस में शनिवार की शाम प्रेस वार्ता कर एसपी क्राइम मानिक चंद सरोज ने घटना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि विंध्यवासिनी नगर में रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर संजय और उनकी पत्नी एचपी चिल्ड्रेन एकेडमी की प्रिंसिपल तूलिका श्रीवास्तव की हत्या कर लूट की वारदात में शामिल जटाशंकर चौक का रहने वाला बदमाश राजू नाई उर्फ दिलीप मुख्य आरोपी अनवर के साथ फतेहपुर भाग गया था। पुलिस के पहुंचने पर इलाहाबाद होते हुए वह छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार स्थित अपने ससुराल चला गया था।
एसपी क्राइम ने बताया कि दो साल पहले वह मजदूरी करने बलौदा बाजार गया था, जहां पर उसने शांता शर्मा नाम की युवती से विवाह किया था। विवाद होने पर छह माह पहले वह मायके चली गई थी। लूटे गए गहने लेकर राजू पत्नी को मनाने ससुराल गया था लेकिन उसकी सास ने भगा दिया। लोकेशन मिलने के बाद कोतवाली थाने के दरोगा दीपेंद्र बलियान, सिपाही अभय और सर्विलांस सेल के सिपाही अविनाश त्रिपाठी को लेकर बलौदा बाजार पहुंचे। लेकिन पुलिस के आने की भनक पाकर राजू भाग निकला। गोरखपुर पहुंचने पर शुक्रवार देर रात उसे दुर्गाबाड़ी चौक के पास गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी क्राइम ने बताया कि राजू हलवाई का काम करता था। वारदात में शामिल इनका चौथा साथी गोलू सोनकर अभी फरार है, जिसकी तलाश चल रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस इस मामले में अब तक वारदात को अंजाम देने वाले तीन बदमाशों को जेल भेज चुकी है।