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एसटीएफ ने चोरी की कार के साथ युवक को पकड़ा

Wed, 31 Aug 2016 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
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गिरफ्तार - फोटो : gettty
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एसटीएफ ने फर्जी कागजात तैयार कर चोरी के वाहन बेचने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। कार को कब्जे में लेकर एसटीएफ ने युवक पर फर्जी दस्तावेज तैयार करके जालसाजी करने का केस दर्ज किया है।
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एसटीएफ लखनऊ के इंस्पेक्टर पीके मिश्रा ने कुछ दिनों पहले एसटीएफ गोरखपुर के सीओ विकास त्रिपाठी को चार पहिया वाहनों की चोरी कर उसे फर्जी कागजात तैयार कर बेचने वाले गैंग के गोरखपुर में सक्रिय होने की सूचना दी थी। बताए गए कार के नंबर की छानबीन के लिए सीओ ने दरोगा अशोक कुमार सिंह को लगाया था। सोमवार शाम उसकी लोकेशन शाहपुर के एचएन सिंह चौराहे पर मिली।

मौके पर पहुंची एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी करके युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान कुशीनगर, नेबुआ-नौरंगिया के आशीष मल्ल के रूप में हुई। वह बशारतपुर, आरोग्यनगर में मकान बनवाकर वह परिवार के साथ रहता है। आशीष ने बताया कि वह पेशे से आप्टिशियन है और राप्तीनगर स्थित विंध्यवासिनी केयर हॉस्पिटल में प्रैक्टिस करता है। ढाई लाख रुपये में उसने कार लखनऊ के रहने वाले साथी राजीव शर्मा की मदद से खरीदी थी।
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एसटीएफ इंजन नंबर, चेसिस नंबर की जांच करने के बाद जालसाजी के बारे में जानकारी नहीं जुटा पाई। सत्यता का पता लगाने के लिए कार को शेवरलेट कंपनी की एजेंसी पर लाया गया, जिसके बाद इसके चोरी होने की जानकारी मिली। दरोगा अशोक सिंह की तहरीर पर शाहपुर पुलिस ने आशीष मल्ल पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी का केस दर्ज कर पुलिस के हवाले कर दिया।  शाहजहांपुर के पते पर हुआ था रजिस्ट्रेशन आप्टिशियन के कब्जे से मिली कार का रजिस्ट्रेशन शाहजहांपुर के बहादुरगंज निवासी अग्निवेश गुप्त के नाम पर कराया गया था। रजिस्ट्रेशन, इंजन, चेसिस नंबर का मिलान करने पर गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई। आरटीओ में काम करने वाले आशीष मल्ल के एक रिश्तेदार पर भी इस रैकेट में शामिल होने का संदेह जताया जा रहा है। एसटीएफ लखनऊ इस मामले की छानबीन कर रही है।
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