कचहरी लॉकअप से फरार हुए शातिर योगेश मिश्र को एसटीएफ ने सोमवार की रात गिरफ्तार कर लिया। बेलघाट के रहने वाले शातिर सूरज पांडेय के साथ वह 24 नवंबर 2015 को फरार हो गया था। हत्या का मुकदमा दर्ज कराने वाले गांव के युवक और गवाहों को वह धमका रहा था। डीआईजी ने शातिर पर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। कैंट पुलिस ने दोपहर बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा दिया गया।
सीओ एसटीएफ विकास त्रिपाठी ने दरोगा अशोक सिंह के साथ मुखबिर की सूचना पर सोमवार की रात 10:30 बजे कचहरी बस स्टेशन के पास से 12 हजार रुपये के इनामी योगेश मिश्रा को गिरफ्तार किया। हत्या के मामले में जेल में बंद योगेश 24 नवंबर 2015 की दोपहर कचहरी लॉकअप के शौचालय की दीवार तोड़कर बेलघाट के रहने वाले शातिर बदमाश सूरज पांडेय के साथ फरार हो गया था। डीआईजी ने दोनों बदमाशों पर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ ने 11 जनवरी 2016 को एसटीएफ ने सूरज को गिरफ्तार किया था। जेल से छूटने के बाद योगेश हत्या का मुकदमा दर्ज कराने वाले गांव के व्यक्ति और गवाहों को धमकी दे रहा था। फरारी के दौरान उसने बार अटैक भी किया था लेकिन कामयाब नहीं हुआ था।
तलाशी में एसटीएफ को उसके पास से दो मोबाइल फोन, एक टीएम और वोटर कार्ड मिला। पूछताछ के बाद देर रात उसे कैंट पुलिस के हवाले कर दिया। कैंपियरगंज, राखूखोर के रहने वाला योगेश बर्खास्त शिक्षक है। उसकी पत्नी और पिता भी शिक्षक हैं।
गोविंद की हत्या का है आरोप
योगेश मिश्रा ने 13 अगस्त 2013 को कैंपियरगंज में गोविंद मिश्रा नाम के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में वह जेल में बंद था। मुकदमे का ट्रायल शुरू होने और गवाहों के विरोध में बयान देने के कारण वह परेशान था। वादी के साथ ही गवाह को धमकाकर अपने पक्ष में गवाही कराने के लिए उसने जेल से फरार होने की योजना बनाई थी।