थाना टीपी नगर में सोमवार रात खाकी और खादी के बीच हुए संघर्ष में पुलिस अफसरों ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष संगीता राहुल, उनके बेटे नितिन और दोस्त विकास समेत सात लोगों के खिलाफ दरोगा की तहरीर पर बलवा और जानलेवा हमले जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। हालांकि संगीता को हार्ट अटैक का अंदेशा बताकर थाने से जमानत दे दी गई। जबकि नितिन को पुलिस ने मंगलवार को एसीजेएम कोर्ट संख्या-8 में पेश किया। कोर्ट ने सपा नेत्री को इस तरह थाने से जमानत देने पर पुलिस को फटकार लगाते हुए नितिन को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
इस पूरे प्रकरण को लेकर थाने में मंगलवार को भी गहमागहमी का माहौल रहा। सोमवार आधी रात तक सपा पदाधिकारी और पुलिस अफसर कार्रवाई को लेकर एक-दूसरे को दलील देने में लगे थे। लेकिन थाने में तोड़फोड़ और मारपीट में दरोगा का पैर टूटने को लेकर पुलिसकर्मियों में नाराजगी रही। एसएसपी ने भी स्पष्ट कह दिया था कि कानून हाथ लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसलिए मंगलवार तड़के ही पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
यह लगीं धाराएं
दरोगा सर्वेश यादव की तहरीर पर सपा नेत्री संगीता, उनके बेटे नितिन और बेटे के दोस्त विकास समेत सात आरोपियों के खिलाफ धारा 147,148 (घातक आयुध से लैस होकर बलवा करना), 323 (मारपीट), 504 (अपमानित करना), 506 (धमकी देना), 353 (लोकसेवक पर हमला), 307 (हत्या करने का प्रयत्न) में केस दर्ज कराया है। इनमें आईपीसी की धारा 307 में दस साल तक की सजा का प्रावधान है। इनमें चार आरोपी अभी अज्ञात में हैं।
दबाव में बेल, कोर्ट से फटकार
मामला चूंकि सत्ताधारी पार्टी की नेत्री से जुड़ा था, इसलिए सपा पदाधिकारियों ने पुलिस अफसरों पर आरोपियों को थाने से ही जमानत देने का दबाव बनाया। उधर शासन स्तर तक मामला गूंजने पर गाज गिरने के डर से भी पुलिस कहीं दबाव में नजर आई। बीच का रास्ता निकालते हुए पुलिस ने दूसरा कानूनी दांव खेलकर सपा नेत्री को थाने से ही जमानत दे दी। आधार यह बताया गया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी सपा नेत्री का ब्लड प्रेशर हाई हो गया था। ऐसे में उसकी जान को खतरा पैदा हो गया था। जिसके चलते उसे थाने से ही जमानत देनी पड़ी। जबकि जिला अस्पताल से सपा नेत्री की मेडिकल रिपोर्ट सामान्य बताई गई। यही नहीं, मंगलवार को थाने से लेकर कचहरी तक सपा नेत्री अपने बेटे के साथ-साथ रही। कोर्ट ने भी पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए फटकार लगाई।
डीआईजी ने जाना दरोगा का हाल
थाने में घुसकर सपाइयों ने दरोगा पर जानलेवा हमला किया। जिसमें दरोगा के पैर में दो जगह फ्रैक्चर आया है। दरोगा का हाल जानने डीआईजी लक्ष्मी सिंह केएमसी अस्पताल पहुंचीं। डीआईजी ने दरोगा से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद कहा कि थाने में पुलिस पर हमला करने वालों को कतई नहीं बख्शा जाएगा। कानून को हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं है।
एसएसपी का यू टर्न
एसएसपी ने सोमवार रात दरोगा को सस्पेंड करने की बात पर मंगलवार को यू टर्न ले लिया। एसएसपी डीसी दूबे के अनुसार दरोगा पर शराब पीकर मारपीट का आरोप लगा था। लेकिन मेडिकल परीक्षण में शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई। जबकि दरोगा के पैर में दो जगह फ्रैक्चर आया। ऐसे में दरोगा को सस्पेंड नहीं किया गया। जांच के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।
मेरा बेटा बेवजह फंसाया
मंगलवार सुबह ही सपा नेत्री संगीता अपने कार्यकर्ताओं के साथ टीपीनगर थाने पहुंची। पुलिस नितिन को कचहरी लेकर पहुंची तो संगीता भी पीछे-पीछे कचहरी पहुंची। नितिन को हथकड़ी लगी थी, जब जेल जाने की तैयारी हुई तो सपा नेत्री कचहरी परिसर में फूट-फूटकर रोई। आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके बेटे को बेवजह फंसाया है। उसके साथ भी थाने में बदसलूकी हुई है। हालांकि आरोपी विकास को पुलिस ने सोमवार देर रात ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन दाखिले में देरी के कारण उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश नहीं किया गया।
यह था मामला
भगवतपुरा, ब्रह्मपुरी निवासी नगर निगम में ठेकेदार नितिन राहुल सोमवार रात अपने दोस्त विकास के साथ मंडी गेट पर खड़ा था। इस दौरान उसकी मंडी चौकी इंचार्ज सर्वेश यादव से झड़प हो गई थी। दोनों को दरोगा थाना टीपी नगर लेकर पहुंचा तो सूचना पर नितिन की मां सपा नेत्री संगीता राहुल अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंच गई थीं। देखते ही देखते थाने में पुलिस और सपाइयों के बीच संघर्ष हो गया था। सपाइयों ने दरोगा पर हमला करते हुए थाने में तोड़फोड़ कर दी थी, जिसमें दरोगा का पैर टूट गया था। संगीता ने भी दरोगा पर घसीटकर पीटने का आरोप लगाया था। एसपी सिटी ने लाठी फटकारकर थाने से सपाइयों को खदेड़ा था।