गोरखपुर। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) कैंपस में स्थित अस्पताल के गेट पर
बुधवार भोर ड्यूटी पर तैनात एसएसबी जवान ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर
ली।
उसने राफइल से खुद पर तीन गोली चलाई। वार्ड ब्वाय और स्टाफ नर्स की
सूचना पर एसएसबी अधिकारी मौके पर पहुंच गए। आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो
सकी है। एसएसबी के डीआईजी ने जांच के आदेश दिए हैं।
दार्जिलिंग बागडोगरा निवासी गणेश चंद्र हलदर के पुत्र विप्लव कुमार हलदर की
28 फरवरी 2006 को लखनऊ फ्रंटियर में कांस्टेबल पद पर नौकरी लगी थी। नौ
जनवरी 2015 को विप्लव को गोरखपुर सेक्टर से संबद्ध किया गया था। मंगलवार
रात दो से चार बजे तक विप्लव की ड्यूटी एसएसबी अस्पताल में लगी थी। भोर में
पौने चार बजे के करीब चिकित्सालय की स्टाफ नर्स देवी और वार्ड ब्वाय विजय
ने गोली चलने की आवाज सुनी। वह गेट पर पहुंचे तो विप्लव खून से लथपथ जमीन
में पड़ा था। उसके सिर में तीन गोली लगी थी। देवी और विजय ने तत्काल इसकी
सूचना एसएसबी कंट्रोल रूम को दी। सूचना पर एसएसबी डीआईजी प्रफुल्ल कुमार
रोशन, सहायक प्रचार अधिकारी ओपी साहू पहुंच गए। अधिकारियों की सूचना के बाद
चिलुआताल पहुंची और विप्लव के परिवार वालों को जानकारी दी। अधिकारियों का
कहना है कि विप्लव ने राइफल से तीन गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
17 को छुट्टी से वापस लौटा था विप्लव
विप्लव बीस दिन की छुट्टी पर घर गया था। 17 मई को वह वापस ड्यूटी पर लौटा
था। मंगलवार रात ड्यूटी पर जाने से पहले सभी जवानों से आम दिनों की तरफ
बातचीत की थी। विप्लव के साथी बताते हैं कि वह हमेशा दूसरों को हंसाता रहता
था।
विप्लव की रीढ़ की हड्डी का दो बार ऑपरेशन हो चुका है। आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच का आदेश दिया गया है।
प्रफुल्ल कुमार रोशन, एसएसबी डीआईजी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन गोली लगने की पुष्टि हुई है। गोली सिर में
लगने के बाद छत में धंस गई थी। एसएसबी अधिकारियों ने शव को उसके गांव भिजवा
दिया है।
विजय राज सिंह, इंस्पेक्टर चिलुआताल
संदिग्ध परिस्थितियों में आर्मी जवान की मौत
जुड़ापुर गांव निवासी आर्मी के जवान दीप नारायण पांडेय (33) की
हिमाचल प्रदेश के अंबाला के करीब नहान में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो
गई। जवान की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया।
बेलीपार प्रतिनिधि के अनुसार, जुड़ापुर गांव निवासी अधिवक्ता इंद्रदेव
पांडेय का पुत्र दीप नारायण पांडेय 2003 में आर्मी में भर्ती हुआ था। दीप
नारायन बतौर शांति सैनिक बनकर एक वर्ष तक सूडान में तैनात रहा। वर्तमान समय
में वह हिमाचल प्रदेश के अंबाला के पास नहान में पैरा टू एस एफ में लांस
नायक के पद पर तैनात था। घरवालों का कहना है कि सोमवार को उन्हें सूचना दी
गई परेड के दौरान दीप गिरा और उसकी मौत हो गई। पिता इंद्रदेव ने बताया कि
दीप सबसे बड़ा बेटा था। एक सप्ताह पूर्व एक दिन के लिए घर आया था। उसकी मौत
कैसे हुई पता नहीं चल सका है। दीप नारायण की एक बेटी अवंतिका और बेटा
दिव्य है। पत्नी मौत की खबर सुनते ही बेहोश हो गई। दीप नारायण का शव
बृहस्पतिवार शाम तक गांव पहुंचेगा।