गोरखपुर। ककरहिया कांड में गोली लगने से घायल प्रापर्टी डीलर धर्मेंद्र
पासवान की बुधवार सुबह लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई।
13
मई को हमलावरों ने धर्मेंद्र को ककरहिया गांव में गोली मार दी थी। घायल
धर्मेंद्र को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर
होने पर उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया था। लखनऊ मेडिकल कॉलेज में बुधवार
सुबह धर्मेंद्र की मौत हो गई। मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों ने बुधवार
को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है।
13 मई को पिपराइच के ककरहिया गांव निवासी राम चंदर पासवान के पुत्र
प्रापर्टी डीलर धर्मेंद्र पासवान को तीन हमलावरों ने गोली मार दी थी। गोली
धर्मेंद्र के पेट में लगने से वह नाली में गिर गए थे। इसके बाद गांव वालों
ने हमलावरों को घेर लिया था। हमलावरों ने गांव वालों पर गोली चला दी थी।
कैलाश का पुत्र वीरेंद्र निषाद (25), झीनक का पुत्र जयहिंद (26), सिमरन का
पुत्र अंगद (40) बदमाशों की गोली लगने से घायल हो गए थे। कुछ देर बाद
वीरेंद्र निषाद की मौत हो गई थी। जबकि धर्मेंद्र, जयहिंद और सिमरन को
मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। धर्मेंद्र की हालत गंभीर होने पर उसे
लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। बुधवार सुबह धर्मेंद्र की इलाज के
दौरान मौत हो गई।
दो आरोपियों ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
धर्मेंद्र के पिता रामचंदर की तहरीर पर पिपराइच पुलिस ने मारे गए शूटर
सीतापुर के धीरज मिश्रा उर्फ धीरू, खजनी के भिटी खोरिया निवासी राघवेंद्र
पांडेय लखनऊ के नौबक्शा खुर्द मड़ियाव निवासी पवन यादव, पिपराइच, औराही के
बहादुर चौहान, शाहगंज के अरुण निषाद, ककरहिया के किशन पासवान पर हत्या,
हत्या के प्रयास, बलवा, सेवन सीएलए, दलित उत्पीड़न की धाराओं में मुकदमा
दर्ज किया था। गांव वालों ने धीरज उर्फ धीरू तथा राघवेंद्र पांडेय को ईंट
से प्रहार कर मार दिया था। जबकि गंभीर रूप से घायल पवन को इलाज के बाद
पुलिस ने जेल भेज दिया था। बुधवार को सीजेएम कोर्ट में बहादुर चौहान और
किशन पासवान ने आत्मसमर्पण कर दिया।
सादगी से जाएगी बारात
ककरहिया कांड में हमलावरों की गोली लगने से वीरेंद्र निषाद की मौत हो गई
थी। वीरेंद्र के बड़े भाई प्रमोद की बृहस्पतिवार 28 मई को शादी तय है। बेटे
की मौत के बाद वीरेंद्र के पिता ने प्रमोद का तिलक समारोह टाल दिया था।
बृहस्पतिवार को शादी समारोह बड़ी ही सादगी से करने की तैयारी चल रही है।
पुलिस के बढ़ते दबाव की वजह से बहादुर और किशन ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
प्रदीप कुमार, एसएसपी