मंडलीय कारागार में मोबाइल का इस्तेमाल अब पूरी तरह से बंद हो जाएगा। कारागार में मोबाइल नेटवर्क बाधित करने के लिए जैमर लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को नैनी जेल से दो जैमर का सामान गोरखपुर जेल पहुंचा दिया गया। वहीं मार्च तक चार और जैमर लगा दिए जाएंगे। जेल प्रशासन की मानें तो छह जैमर लगने के बाद पूरे जेल परिसर में मोबाइल नेटवर्क को बाधित किया जा सकेगा।
प्रदेश में गोरखपुर के साथ ही 12 अन्य संवेदनशील जेलों में जैमर लगाए जाने हैं। इसके लिए कुल 71 करोड़ 28 लाख 80 हजार रुपये का बजट जारी किया गया था। पिछले साल 13 अक्टूबर को कैदी की मौत के बाद बंदियों ने जमकर बवाल काटा था, तभी यह बात सामने आई थी कि घटना की वजह मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगाना ही है। इसके बाद से ही संवेदनशील जेलों में जैमर लगाने की कवायद तेज हो गई। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसके शर्मा ने बताया कि पहले चरण में दो जैमर के सामान आए हैं। इसके बाद चार जैमर और लगाए जाएंगे। केंद्र सरकार की ओर से इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को जैमर लगाने का काम दिया गया है।
इन जेलों में लगेगा जैमर
बरेली, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, मुरादाबाद, इटावा, बुलंदशहर, बांदा, मैनपुरी, झांसी, जौनपुर और बलिया।