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पुलिसकर्मियों ने सीखा फ्राड से बचने का तरीका  

Sun, 10 Jul 2016 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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पुलिस लाइंस में आयोजित गोष्ठी में साइबर क्राइम की जानकारी देते विशेषज्ञ सचिन गुप्ता। - फोटो : shivharsh
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साइबर क्राइम से निपटने के लिए चल रही ट्रेनिंग में पुलिसकर्मियों ने शनिवार को फ्राड से बचने का तरीका सीखा। एक्सपर्ट ने एटीएम से रुपया निकालते, क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते समय क्लोनिंग करके दूसरा कार्ड तैयार करने, झांसा देकर खाते से रुपये ट्रांसफर करने में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को बताया। इसके अलावा ऑनलाइन शॉपिंग, सोशल साइट के इस्तेमाल में बरती जाने वाली सावधानी और फर्जी वेबसाइट की पहचान करने का तरीका एक्सपर्ट ने बताया। रविवार को ट्रेनिंग लेने वाले 25 पुलिसकर्मियों की पुलिस लाइंस में परीक्षा ली जाएगी। पास होने वाले को आईजी पुरस्कृत करेंगे। 
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एटीएम के दुरुपयोग से ऐसे करे बचाव  डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते समय सावधानी बरते। क्लोनिंग करके डुप्लीकेट कार्ड तैयार किया जा सकता है।  फोन पर बैंक डिटेल, पिन कोड किसी को न बताएं. बैंक की ओर से किसी के अकाउंट के संबंध में जानकारी नहीं मांगी जाती है।  एटीएम कार्ड का पासवर्ड हमेशा याद रखे। डायरी, एटीएम कार्ड के कवर पर न लिखे। ऑनलाइन शॉपिंग में ये बरतें सावधानी ऑनलाइन शो करने वाले विज्ञापनों को कतई न खोले।  साइबर कैफे से टिकट बुकिंग, ऑनलाइन शापिंग न करे। यहां पासवर्ड लीक होने का खतरा है।  सोशल साइट्स पर इन बातों का रखे ख्याल सोशल साइट्स पर अजनबी लोगों से मित्रता न करें । फर्जी प्रोफाइल के जरिए जालसाज सूचना लेेने की कोशिश करते हैं।  अपने फेसबुक की प्राइवेसी सेटिंग से टाइमलाइन, टैगिंग के आप्शन को हमेशा आन करके रखे. इससे आपकी अनुमति के बिना कोई व्यक्ति पोस्ट टैग नहीं कर पाएगा।  फेसबुक का पासवर्ड कम से कम 10 अंकों का बनाएं जिससे कॉमन चीजें न हों। मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, नाम, वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर सहित अन्य कामन चीजें न डालें।  अपने फेसबुक अकाउंट पर ओटीपी ऑप्शन, अकाउंट सेटिंग से ऑन करके रखे। इससे फेसबुक अकाउंट तभी खुलेगा जब रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए ओटीपी को आप फीड करेंगे।  साइट पर अपनी लोकेशन, छुट्टियों पर जाने की जानकारी, फोटो वैकेशन के दौरान न डालें। इससे बदमाशों, चोरों को घर में किसी के न होने की जानकारी मिल जाती है। 
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वेबसाइट्स के वैधता की जानकारी वेबसाइट खोलने के लिए हमेशा वेबसाइट का पता यूआरएल में टाइप करें। किसी अन्य वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक से न खोलें।  वेबसाइट के शुरूआत में हरे रंग का लॉक और एचटीटीपी के बाद एस लगा हो तो वेबसाइट सुरक्षित होती है। 
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