खजुरी में शनिवार की दोपहर दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर डकैती डालने वाले बदमाशों पर एनएसए लगेगा। आईजी ने एसएसपी को घटना का जल्द पर्दाफाश करने के साथ ही संतकबीरनगर एसपी को पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया है। डीआईजी ने व्यापारियों की नाराजगी देख सीओ को मामले का पर्दाफाश होने तक कैंप करने को कहा है।
दिनदहाड़े हुए सनसनीखेज वारदात से खजुरी चौराहे के दुकानदार दहशतजदा है। बेखौफ बदमाशों ने मौके पर 15 राउंड से अधिक गोलियां चलाई। शुरुआती दौर में व्यापारियों ने घेराबंदी कर लूटपाट कर रहे बदमाशों का पकड़ने का प्रयास किया लेकिन पान विक्रेता और मुनीम को गोली लगने के बाद सबकी हिम्मत जवाब दे गई।
आधा घंटा तक बदमाशों ने भीड़ के सामने ही लूटपाट की लेकिन उन्हें रोकने की कोई हिम्मत नहीं जुटा सका। डीआईजी, एसएसपी को घटना की जानकारी देने के साथ ही व्यापारियों ने स्थानीय पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। अधिकारियों ने छानबीन की तो सच्चाई सामने आई। पिकेट ड्यूटी लगने के बाद भी सिपाही मौके पर नहीं पहुंचे थे।
डीआईजी ने मौके पर ही एसओ के साथ ही सिपाहियों को निलंबित करने का निर्देश दे दिया जिसके बाद लोग शांत हुए। डीआईजी के निर्देश पर सीओ खजनी कैंप कर रहे हैं।
एसओ के खिलाफ आईजी ने बैठाई जांच
लुटेरों पर अंकुश लगाने में नाकाम एसओ खजनी जांच की जद में घिर गए हैं। 14 अप्रैल को इसी क्षेत्र में बदमाशों ने बैंक से 45 हजार रुपये लेकर जा रहे मोलई चौरसिया के से लूट की थी। बेटी का गौना कराने के लिए बैंक से रुपये निकालकर घर जा रहे थे। इस मामले में शिकायत करने के बावजूद एसओ अवधेश प्रसाद ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
मामले की जानकारी होने पर आईजी ने एसएसपी को इसकी जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने एसएसपी को पत्र जारी कर संबंधित थानाध्यक्ष से इस बारे में पूछताछ कर जवाब देने का निर्देश दिया है कि किन परिस्थितियों में पीड़ित का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
क्राइम ब्रांच ने शुरू की छापेमारी
घटना के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने खजनी, बेलघाट, सिकरीगंज और संतकबीरनगर में रहने वाले बदमाशों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। हाल में ही जेल से छूटे लुटेरों की गतिविधि की भी छानबीन चल रही है। बदमाशों ने जिस तरह से घटना को अंजाम दिया है इसमें शातिरों के शामिल होने का अंदेशा जताया जा रहा है।