व्यापारी चंद्रप्रकाश की फाइल फोटो।
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घी, तेल व्यापारी चंद्र प्रकाश टिबड़ेवाल प्रकरण की गुत्थी सुलझाने में लकीर पीट रही पुलिस की जांच अब लूट पर टिक गई है। पुलिस जांच में साफ हो चुका है कि व्यापारी को लूट के लिए ही गोली मारी गई थी। सूत्रों की माने तो घटना की तह तक पुलिस पहुंच चुकी है, सिर्फ रकम की बरामदगी करना शेष है। ओसामा गैंग से जुड़े संदिग्ध से पूछताछ में कई सुराग मिले हैं। पुलिस टीमें लूट की रकम बरामदगी के लिए रवाना भी हो गईं हैं।
11 मई को व्यापारी चंद्र प्रकाश की दीवान बाजार में हत्या कर दस लाख रुपये लूट की घटना हुई थी। इसके बाद पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीमें जांच में जुट गईं। सभी टीमों के अपने-अपने तर्क हैं। पुलिस इसे शुरू से ही लूट मान रही है तो वहीं अन्य टीमें हत्या के साथ अन्य आशंकाओं की ओर भी काम कर रही हैं। इसी बीच शातिर लुटेरे गैंग के एक संदिग्ध को पुलिस ने उठा लिया। पूछताछ में पहले तो उसने घटना में शामिल होने से इन्कार कर दिया। इसके बाद व्यापारी के कर्मचारी गोलू ने उसकी पहचान कर ली तो पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की।
सूत्रों की माने तो उसने घटना में शामिल होना कबूल कर लिया है और रकम कहां पर हैं इसकी भी जानकारी दे दी है। पुलिस अब रकम बरामदगी की कोशिश में है। एसएसपी आरपी पांडेय ने बताया कि पुलिस टीमें लगी हैं। सुराग मिल गए है, जल्द पर्दाफाश कर लिया जाएगा।