आर्केस्ट्रा संचालक महिला की ज्यादती की शिकार युवती का कैंट पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में बयान कराया। इससे पहले पीड़ित की मां ने एनजीओ संचालक के साथ आईजी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की थी। आईजी के निर्देश पर कैंट पुलिस युवती को लेकर कोर्ट पहुंची। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें बनाई गई हैं।
मंगलवार दोपहर 12 बजे पीड़ित युवती की मांग एनजीओ संचालक पूनम त्रिपाठी के साथ आईजी से मिली। घटना के चार दिन बाद भी कसया की रहने वाली आर्केस्ट्रा संचालक रानी पासवान और उसके साथियों की गिरफ्तारी न होने की जानकारी दी। महिला ने बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती उसकी बेटी का बयान भी कैंट पुलिस ने नहीं कराया। मामला कुशीनगर का होने का हवाला देकर इंस्पेक्टर कार्रवाई में टाल मटोल कर रहे हैं।
आईजी मोहित अग्रवाल ने पीड़ित युवती का कोर्ट में बयान कराने के साथ ही आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। दोपहर बाद पीड़ित युवती का कोर्ट में बयान कराया। देर शाम कैंट पुलिस की एक टीम रानी की तलाश में कुशीनगर भेजी गई, लेकिन वह मिली नहीं।
यह है मामला
कैंट क्षेत्र में रहने वाली युवती के पिता की मौत हो चुकी है। मां अधिकारियों के यहां काम कर परिवार चलाती है। कुशीनगर, कसया की रहने वाली रानी नाम की महिला से उसकी मां की जान पहचान थी। घर पर मुंडन होने का झांसा देकर युवती को रानी अपने साथ ले गई। बंधक बनाकर उसपर आर्केस्ट्रा में डांस करने का दबाव बना रही थी। बात न मानने पर गर्म रॉड से दागा और उसके साथियों ने उसके साथ गैंगरेप किया। 22 जुलाई की रात वह भागकर घर पहुंची। परिवार के लोगों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।