पुलिस को अब मरे हुए लोगों से भी शांतिभंग की आशंका सताने लगी है। कैंपियरगंज पुलिस ने कुछ ऐसी ही कार्रवाई की है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है और इस कार्रवाई पर सवाल भी खड़े रहा है। दरअसल कैंपियरगंज पुलिस ने एक मृतक प्रधान से खतरे की आशंका जताते हुए उन्हें शांति भंग में पाबंद किया है। मामला तब उजागर हुआ, जब उन्हें खोजते हुए पुलिस उनके घर पहुंच गई। सुनकर सब दंग थे क्योंकि पुलिस जिसकी तलाश कर रही थी, एक साल पहले ही उसका निधन हो चुका है।
कैंपियरगंज प्रतिनिधि के मुताबिक मोहम्मदपुर निवासी रहे भगनू गांव के प्रधान थे। फरवरी 2016 में उनकी मौत हो चुकी है। चुनावी विगुल बजते ही पुलिस अपने रिकॉर्ड दुरुस्त कर रही है, ताकि कहीं कोई अप्रिय घटना न होने पाए। पुलिस अफसर लापरवाही न करने की नसीहत देकर खुद ही दौड़ भाग कर रहे हैं मगर मातहत सिर्फ बैठे-बैठे ही कार्रवाई करने में विश्वास रख रहे हैं। तभी तो एक मृतक को भी पुलिस ने शांति भंग में पाबंद कर दिया। यहीं नहीं इसी इलाके के एक दूसरे शख्स को भी पुलिस ने पाबंद किया है जो बीते कुछ साल से विदेश में रहकर रोजी-रोटी कमा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में रोष है तो चौकी इंचार्ज इसे सिपाही की गलती की दलील दे रहे हैं।