गोरखपुर।
तिवारीपुर की जफर कॉलोनी
(पिपरापुर)
में
सोमवार की दोपहर सीओ क्राइम
ने अवैध पटाखा फैक्ट्री पकड़ी।
एक क्विंटल से अधिक विस्फोटक
सामग्री बरामद करने के साथ
ही 20
बोरियों
में रखे पटाखे के साथ छह लोगों
को गिरफ्तार किया गया है।
फैक्ट्री मालिक वर्ष 2000
और
2007
में
विस्फोटक अधिनियम के तहत जेल
भी जा चुका है। पुलिस आरोपी
से पूछताछ कर रही है।
सीओ
क्राइम अभय मिश्र ने एसओ
तिवारीपुर आशुतोष और क्राइम
ब्रांच की टीम के साथ सोमवार
दोपहर एक बजे जफर कॉलोनी में
रहने वाले लड्डन के घर दबिश
दी। घर में पुलिस ने भारी मात्रा
में विस्फोटक सामग्री के साथ
ही तैयार कर रखे गए पटाखे और
अनार बम बरामद कि ए। बिना
लाइसेंस के चल रही धंधे की
जानकारी अधिकारियों को देने
के बाद सीओ ने फैक्ट्री मालिक
लड्डन अहमद उसके बेटे शमशाद,
रियाज
और मजदूर हुमायूंपुर निवासी
मनोज,
मनोज
कुमार और चिलुआताल,
बालापार
के सूरज को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने मौके पर दो बोरा बारूद,
पांच
बोरा नौशादर,
एक
बोरी कोयले की राख,
एक
बोरा रेत,
15 बोरी
में तैयार कर रखे गए पटाखे
बरामद किए हैं। एसओ तिवारीपुर
आशुतोष सिंह की तहरीर पर पकड़े
गए आरोपियों पर विस्फोटक
अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ
है।
दो
लोगों की मौत के बाद भी नहीं
छोड़ा धंधा
20
साल
से पटाखा बनाने का धंधा कर रहा
लड्डन दो हादसों के बाद भी
नहीं सुधरा। सन् 2000
में
पटाखा बनाते समय जफर कॉलोनी
में हुए विस्फोट में उसकी मां
सैयदा की मौत हो गई थी। पुलिस
ने इस मामले में लड्डन के साथ
ही उसके सहयोगियों पर मुकदमा
दर्ज कर जेल भेजा था। जेल से
छूटने के बाद उसने खजनी के
हरैया में किराए पर कमरा लेकर
पटाखा बनाने की फैक्ट्री शुरू
कर दी थी। वर्ष 2007
में
फैक्ट्री में विस्फोट होने
के कारण हुमायूंपुर के रहने
वाले मजदूर अशोक की मौत होने
के साथ ही सात लोग घायल हुए
थे। इस घटना में भी पुलिस ने
दोबारा उसे जेल भेजा था। जेल
से छूटने के बाद जफर कॉलोनी
स्थित मकान में फिर से पटाखा
बना रहा था।