शिक्षक राकेश सिंह की हत्या क्यों और किसने की, पुलिस इसका पता लगाने के लिए माथापच्ची कर रही है। शुरुआती जांच में न तो प्रापर्टी का कोई मामला सामने आया है और न ही शिक्षक का किसी से कोई विवाद। राकेश सिंह की जेब से मिले एक सिम, एक मेमोरी कार्ड और एक लड़की की फोटो के आधार पर पुलिस तफ्तीश कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जेब से मिले सिम की कॉल डिटेल से सुराग हाथ लग सकता है।
शिक्षक की हत्या के बाद पुलिस अफसर कर्मचारियों, प्रबंध तंत्र और घरवालों के संपर्क में है। कई बार की पूछताछ के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया। अब पुलिस शिक्षक के मोबाइल फोन, जेब में मिले सिम कार्ड की कॉल डिटेल और मेमोरी कार्ड खंगाल रही है। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि राकेश की जेब से मिली फोटो किस लड़की की है। बताया जा रहा है कि वह कॉलेज की छात्रा या कर्मचारी की फोटो हो सकती है। पुलिस सूत्रों की माने तो यह मामला किसी लड़की से जुड़ा लग रहा है, मगर तहकीकात पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
चार भाइयों में छोटे थे राकेश
राकेश सिंह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। पिता उदय प्रताप सिंह भी डॉ. भीम राव अंबेडकर कन्या इंटर कालेज से शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। बड़े भाई प्रवीण डोहरिया बाजार में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। दूसरे नंबर के भाई सुधीर ब्रह्मपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं, जबकि तीसरे नंबर के भाई विनय सिंह एमजी इंटर कालेज में प्रवक्ता हैं। दोनों भाई शहर में रहते हैं, जबकि राकेश अपने बड़े भाई के साथ गांव में रहते थे।