चार दिन पहले युवक और उसकी मां का अपहरण करने वाले आरोपियों को चिलुआताल पुलिस ने मंगलवार की शाम गिरफ्तार कर लिया। आरोपी महिला को जीप से लेकर फिरौती की रकम वसूलने उसके घर पहुंचे थे। उनके खिलाफ महुली थाने में अपहरण का केस दर्ज है।
चिलुआताल प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के रामजानकी नगर, नकहा नंबर एक ओम शांति नगर निवासी राजेश्वर पांडेय को चार दिन पहले कुछ लोग घर से बुलाकर ले गए। इसके बाद उनकी मां बिंदु पांडेय को गाड़ी में बैठाकर ले गए। इस मामले में बिंदू देवी की छोटी बहू राखी ने 23 जुलाई को महुली थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया। मंगलवार को राजेश्वर के मोबाइल से उसकी पत्नी रीना पांडेय के नंबर पर फोन आया। फोन करने वाले ने 20 लाख रुपये फिरौती मांगी। रीना ने इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था करने में असमर्थता जताई तो एक लाख रुपये का इंतजाम करने को कहा। रुपये लेने के लिए उन्होंने दो लड़कों को घर भेजने की बात कही। रीना ने इस मामले की जानकारी पुलिस को देकर मदद मांगी। जानकारी मिलने पर चिलुआताल और महुली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने महिला से अपहर्ताओं से फोन पर यह कहने को कहा कि रुपयों का इंतजाम हो गया है।
महिला के बताने पर रात करीब नौ बजे बोलेरो से चालक समेत तीन लोग रकम लेने रीना के घर पहुंचे जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गाड़ी में बिंदू देवी भी मौजूद थीं। इसके बाद अपहर्ताओं की निशानदेही पर रेलवे स्टेशन के बाहर से दो और अपहर्ताओं को पकड़कर पुलिस ने राजेश्वर को भी खोज निकाला। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी है।
अपहरण या लेन-देन का विवाद
पुलिस की छानबीन में पता चला है कि राजेश्वर पाण्डेय ठेकेदारी करते हैं। कुछ दिन पहले भी उन्हें कुछ लोग उठा चुके हैं और बकाया वसूलने के बाद छोड़ा था। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि नौकरी दिलाने के नाम पर उन्होंने कुछ लोगों से रुपये ले रखे हैं। अपहरण के पीछे लेन.देन के विवाद की भी बात सामने आ रही है।