गोरखपुर। हाईवे पर ट्रक चालक और फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों से लूट करने वाले दो बदमाशों को गगहा पुलिस ने क्राइम ब्रांच टीम के सहयोग से सोमवार की रात कारकोल घाट से गिरफ्तार किया। पूछताछ में गोरखपुर में नौ, देवरिया में एक लूट की घटना में शामिल होने की बात कबूल की। वारदात में शामिल दो अन्य बदमाशों की तलाश चल रही है। हाईवे पर कानपुर तक बाइक से लूट करने बदमाश जाते थे।
पुलिस लाइंस में मंगलवार की सुबह प्रेस वार्ता कर एसएसपी अनंत देव ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेलीपार, गगहा, बांसगांव, गोला, खजनी क्षेत्र में लूट की लगातार हो रही घटना में शामिल बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए सीओ क्राइम अभय मिश्रा के नेतृत्व में सीआईयू टीम लगी थी। गगहा एसओ गिरजेश तिवारी के सहयोग से सोमवार की रात कारकोल घाट से सोनइचा गांव के रहने वाले कुशल मिश्रा, जौनपुर के चंद्रवक निवासी विवेकानंद उर्फ गोलू को बाइक के साथ गिरफ्तार किया। तलाशी में उसके पास से 315 बोर का दो तमंचा, दो मोबाइल मिला।
पूछताछ में दोनों ने गगहा, बेलीपार क्षेत्र में हुई लूट की दस और देवरिया, कोतवाली में एक घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की। बदमाशों से पूछताछ के बाद गैंग के लीडर और दूसरे साथी की तलाश में गगहा के पचलड़ी में स्थित मुर्गी फार्म पर दबिश दी गई लेकिन वह नहीं मिले। तलाशी में पुलिस को बदमाशों के ठिकाने से लूटे गए आठ मोबाइल, वोटर कार्ड, माइक्रो फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी का बैग, 4300 रुपये मिले। पकड़े गए लुटेरे विवेकानंद ने बताया कि एक साल के भीतर उसने हाईवे पर मुर्गी फार्म के मालिक प्रदीप के साथ मिलकर 50 से अधिक लूट की घटना को अंजाम दिया। लूट करने के लिए वह बाइक से कानपुर तक गया है। विवेकानंद से पूछताछ के बाद पुलिस कानपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, फैजाबाद, बाराबंकी और लखनऊ पुलिस से हाईवे पर ट्रक चालकों से हुई लूट की जानकारी जुटा रही है। एसएसपी ने बदमाशों को पकड़ने वाली टीम को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है।
एक साल से परेशान थी पुलिस
हाईवे पर ट्रक चालक और फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों के साथ हो रही लूट की घटना से गगहा पुलिस एक साल से परेशान थी। संगठित गिरोह के पकड़े जाने के बाद भी लूट की वारदात बंद न होने से पुलिस परेशान थी। एक वारदात में पीड़ित ने बाइक का नंबर पढ़ लिया, जिसके जरिए क्राइम ब्रांच की टीम लुटेरों तक पहुंची।
वारदात के बाद मुर्गी फार्म में छिपते थे बदमाश
हाईवे पर ट्रक चालक और फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों से लूट करने वाले बदमाश वारदात के बाद पचलड़ी में स्थित मुर्गी फार्म पर आकर छुप जाते थे। फार्म हाउस संचालक सोनइचा गांव का रहने वाला प्रदीप पांडेय इस गैंग का लीडर है। पुलिस पीछा न करे इसलिए यह लोग छोटी लूट करते थे। गाड़ी का नंबर पढ़ने के बाद वह बाहर से आने वाले ट्रक चालकों से लूट करते थे। प्रदीप की मुखबिरी पर गिरोह के सदस्य फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों से लूट करते थे।
मौज मस्ती के लिए करते थे लूट
प्रदीप पांडेय के मुर्गी फार्म पर काम करने वाले कुशल और विवेकानंद मौज मस्ती के लिए लूट की घटना को अंजाम देते थे। लूट की छोटी घटना में पुलिस के सक्रिय न होने की जानकारी के बाद उन्होंने ट्रक चालकों से लूट करने की योजना बनाई थी। अक्सर वारदात के बाद ट्रक चालक पुलिस के झमेले में पड़ने के डर से मुकदमा दर्ज कराए बिना ही चले जाते थे। एसएसपी अनंत देव ने बताया कि गैंग लीडर प्रदीप के पकड़े जाने पर कई और राज खुलेंगे।