थावे से बढ़नी के बीच वाया गोरखपुर होकर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को उनौला स्टेशन पर एक घंटे से अधिक समय तक रोके जाने से नाराज यात्रियों ने जमकर हंगामा किया और स्टेशन मास्टर को बंधक बना लिया। इससे काफी देर तक स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जीआरपी और आरपीएफ के साथ ही पहुंची स्थानीय पुलिस ने रेल अफसरों से यात्रियों की बात कराकर मामला शांत कराया और स्टेशन मास्टर को मुक्त कराया। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के दौरान कई ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ।
पिपराइच प्रतिनिधि के मुताबिक बुधवार की सुबह करीब सवा नौ बजे उनौला स्टेशन पर थावे से गोरखपुर आ रही पैसेंजर ट्रेन पहुंची। एक घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी जब ट्रेन नहीं चली तो यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। नाराज यात्रियों ने स्टेशन मास्टर विनय श्रीवास्तव को उनके कमरे में ही बंधक बना लिया। उनका कहना था कि ट्रेन अक्सर उनौला स्टेशन पर घंटों रोक दी जाती है। इस बीच आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और यात्रियों को समझाने की कोशिश की। यात्रियों का कहना था अधिकारी आश्वासन दें कि भविष्य में ट्रेन अकारण नहीं रोकी जाएगी। इसके बाद लखनऊ डीआरएम से यात्रियों की बात कराई गई। आश्वासन मिलने के बाद यात्री माने और ट्रेन रवाना हुई। उधर, सिग्नल न मिलने के चलते पिपराइच स्टेशन पर भी पैसेंजर ट्रेन को रोकना पड़ा।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि कैंट स्टेशन पर प्लेटफॉर्म खाली न होने के कारण पैसेंजर ट्रेन उनौला स्टेशन पर रोकनी पड़ी। यात्रियों के हंगामे को संज्ञान में लेते हुए निर्देश दिए गए हैं कि सभी स्टेशनों पर ट्रेनों का मूवमेंट बनाए रखें, ताकि प्लेटफॉर्म खाली रहे।