चौरीचौरा। झंगहा के माईधिया में रविवार की सुबह लोगों ने अस्पताल के सामने महिला का शव रख जाम लगा दिया। डॉक्टर की लापरवाही से ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने और मौत होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर एक घंटे बाद उन्हें सड़क से हटाया। उधर, हंगामे के बाद डॉक्टर अस्पताल छोड़कर चला गया। पीड़ित परिवार के लोगों ने पुलिस को तहरीर दी है।
शिवपुर, चकदहा के पारस ने 16 दिसंबर को झंगहा, माईधिया चौराहे पर स्थित एक निजी अस्पताल में पत्नी इसरावती (40) के पथरी का ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन के बाद उनके शरीर में सूजन आ गई जिस पर अस्पताल के प्रबंधक ने शहर के एक निजी अस्पताल में उन्हें रेफर कर दिया। यहां कुछ दिनों तक इलाज हुआ लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं होने पर परिवार के लोग उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले गए।
सुधार होने के बाद शनिवार की रात लखनऊ से घर लौटते समय इसरावती की रास्ते में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार और गांव वालों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए माईधिया चौराहे पर रविवार की सुबह आठ बजे शव रखकर चौरीचौरा-नई बाजार मार्ग जाम कर दिया। लोग अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना पर पहुंची झंगहा और चौरीचौरा थाने की पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया। झंगहा के थानेदार उपेंद्र यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर अस्पताल संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।