जंगल सिकरी बाईपास पर रविवार की सुबह सड़क के किनारे ट्रक ड्राइवर की लाश मिली। सिर और शरीर पर चोट के निशान होने के साथ ही रुपये गायब होने के कारण लूट की आशंका जताई जा रही है। महराजगंज का रहने वाला ट्रक चालक देवरिया से सीमेंट की खेप लेकर दाउदपुर पहुंचाने के लिए निकला था। खोराबार पुलिस खलासी की तलाश कर रही है।
खोराबार प्रतिनिधि के अनुसार रविवार की सुबह सात बजे जंगल सिकरी गांव के लेागों ने बाईपास पेट्रोल पंप के सामने सड़क किनारे गड्ढे में 40 के व्यक्ति की लाश देखी। उसके कपड़े फटे होने के साथ ही सिर और शरीर पर चोट के निशान थे। बगल में उसका मोबाइल गिरा पड़ा था। गांववालों के सूचना देने पर पहुंचे एसओ खोराबार ने जेब में मिले कागजात और मोबाइल के नंबरों पर बातचीत करके शव की पहचान महराजगंज, पनियरा के शीतलपुर-मुजुरी निवासी गणेश (40) के रूप में की।
छानबीन करने पर पता चला कि शनिवार की शाम वह देवरिया से ट्रक पर सीमेंट लादकर गोरखपुर आ रहा था। दाउदपुर स्थित एक एजेंसी पर उसे सीमेंट की आपूर्ति देनी थी। रात करीब आठ बजे वह जंगल सिकरी में पहुंचा। पेट्रोल पंप पर ट्रक खड़ा करके कर्मचारियों से भोजन करके आने की बात कह निकला था। रविवार की सुबह सड़क किनारे उसकी लाश मिली।
एजेंसी के मालिक ने बताया ट्रक पर कोई खलासी नहीं था। अकेले ड्राइवर ही सीमेंट पहुंचाने जाता था। रास्ते के खर्च के लिए उसके पास हमेश आठ से दस हजार रुपये होते थे। सीओ कैंट अभय मिश्रा ने बताया कि छानबीन चल रही है। पोस्टमार्टम के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। प्रारंभिक जांच में लूट के लिए हत्या किए जाने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
20 साल से चला रहा था ट्रक
गणेश 20 साल से ट्रक चला रहा था। शनिवार की शाम उसके साथ एक अन्य ट्रक पर भी सीमेंट लोड कराया गया था। दूसरे ट्रक का ड्राइवर सीमेंट लेकर समय से पहुंच गया पर गणेश नहीं पहुंचा। दूसरे चालक ने कई बार फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। पुलिस की जांच में पता चला कि खोराबार, बिंद टोलिया के रहने वाले मजदूर सुभाष से गणेश की करीब 40 बार बात हुई थी। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। ड्राइवर की मौत की सूचना मिलने पर साले दुर्गविजय, पत्नी कृष्णावती, बेटे रामकृपाल, रमाशंकर, बेटी दीपकली और रानी भी मौके पर पहुंच गईं। परिवार के लोगों ने किसी के साथ दुश्मनी होने से इन्कार किया है।