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एसएसपी आवास के पास छात्रनेता को भूना

Mon, 06 Feb 2017 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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सौरभ की फाइल फोटो। - फोटो : Amar Ujala
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कैंट इलाके में एसएसपी आवास से चंद कदम की दूरी पर आरपीएम एकेडमी के सामने सरेराह छात्रनेता को बाइक सवार बदमाशों ने गोलियों से भून डाला। अचानक गोलियां तड़तड़ाने से आसपास के लोग घरों से बाहर आ गए। दो बाइक पर आए चार बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया, फिर असलहा लहराते हुए फरार हो गए। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने घायल छात्रनेता सौरभ पांडेय को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने सौरभ को मृत घोषित कर दिया। उधर, घटनास्थल से पुलिस को 9 एमएम की गोलियां और खोखे मिले हैं। घटनास्थल के पास स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे से पुलिस को हत्यारों का पहचान होने की उम्मीद है।
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सिविल लाइंस में जल निगम कर्मचारी जमुना पांडेय का सरकारी आवास है। उनके पांच बेटों में दूसरे नंबर के सौरभ पांडेय (27) छात्रनेता थे और पार्षद चुनाव की तैयारी कर रहे थे। रविवार की रात साढ़े दस बजे के करीब वह अपने आवास के बाहर टहल रहे थे। तभी दो बाइक पर सवार चार युवक आए। सौरभ टहलते हुए आगे गए और बाइक सवार कुछ दूरी पर जाकर रुक गए। बाइक पर पीछे बैठे दो युवक सौरभ की ओर बढ़ने लगे। सौरभ अभी कुछ समझ पाते तब तक एक बदमाश ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर शुरू कर दी। कई राउंड हुई फायरिंग में सौरभ के सिर और सीने में गोली लगी। इससे वह वहीं गिर गए। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश फरार हो गए वहीं गोली सुनकर सौरभ के भाई और मोहल्ले के लोग भी बाहर आ गए और फिर पुलिस को सूचना दी। राजनीति में हुई कइयों से अदावत  जल निगम कर्मचारी के बेटे सौरभ पांडेय के राजनीति में आने के साथ ही कई दुश्मन भी खड़े हो गए थे। छात्र राजनीति में सक्रिय होने के साथ ही ठेकेदारी में भी सौरभ पांडेय दखल देने लगे थे। इसे लेकर कई लोगों से तकरार भी चल रही थी। मोहल्लेवालों के मुताबिक सौरभ की मां का ऑपरेशन होना है और पिता उन्हें लेकर मुंबई गए हुए हैं। 
रविवार की रात जिस तरह से सौरभ पांडेय को गोली मारी गई उससे हमलावरों का इरादा साफ उनको मौत के घाट ही उतारने का लगा। इस बात को पुलिस भी मान रही है कि गोली मारने के तरीके से साफ है कि डराने के लिए नहीं बल्कि जान लेने के नीयत से ही गोली मारी गई है। सौरभ के  भाई भी हत्या से सदमे में हैं और फिलहाल अभी कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं। उनकी माने तो सौरभ का किसी से कोई ऐसा झगड़ा नहीं था कि हत्या कर दी जाए। वहीं मोहल्लेवालों का कहना है कि पार्षद चुनाव की तैयारी कर रहे सौरभ का कई लोगों से विवाद चल रहा था। आए दिन ही मोहल्ले में लोगों की जुटान होती थी। जिसे लेकर कई बार आपत्ति भी की जाती थी। शहर का वीआईपी मोहल्ला माने वाले सिविल लाइंस में हत्या से स्थानीय लोग सहमे हुए हैं। 
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