तीन दिन पहले शाहपुर से लापता हुए युवक का बुधवार को हत्या कर फेंका गया शव मिला। चिलुआताल के पोखरभिडा पोखरे में शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई। थोड़ी ही देर में पुलिस ने उसकी पहचान कर ली। युवक की हत्या गला घोंटकर की गई है। सीने पर भी चोट के निशान हैं। फिलहाल घर वाले कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस घटना के पीछे किसी करीबी पर शक जता रही है।
चिलुआताल प्रतिनिधि के मुताबिक शाहपुर इलाके के राप्तीनगर फेज 4, रेल विहार के गोरख प्रसाद गुप्ता के बेटे सुधीर रंजन (30) 14 नवंबर को घर से निकले थे। काफी देर बीतने के बाद भी जब वह नहीं लौटे तो घर वालों ने तलाश की, मगर कोई पता न चलने पर शाहपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस तलाश कर ही रही थी कि बुधवार को चिलुआताल थाना क्षेत्र के करीमनगर गांव के पोखरे में एक शव उतराता दिखाई दिया।
एक ग्रामीण की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकाला तो उसके गले पर कसे जाने के निशान मिले। थोड़ी देर में उसकी पहचान सुधीर के रूप में हुई। वह महराजगंज की एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में कर्मचारी थे। 23 नवंबर को शादी होनी थी। देवरिया के बरहज में तय शादी की तैयारी में घर वाले जुटे थे कि उसके पहले ही उसकी हत्या हो गई।
फोन आने पर घर से निकले थे
14 नवंबर की शाम सुधीर अपनी शादी का कार्ड बांटकर घर लौटे थे। थोड़ी देर बाद उनके मोबाइल फोन पर किसी की कॉल आई और वह लोअर पहने ही घर से निकल गए। घर वालों ने सोचा कि वह पास में ही कहीं गए होंगे। जब देर शाम तक नहीं लौटे तो तलाश की गई, मगर कहीं पता नहीं चला।
सात महीने पहले हुई थी सगाई
सुधीर की सगाई सात महीने पहले ही हुई थी। वह तीन भाईयों में सबसे बड़े थे। दो छोटे भाई पढ़ाई कर रहे हैं। एक बहन है जो बीएचयू से एमएससी कर रही है। मृतक के बड़े पिता की लड़की की बुधवार को शादी थी। हत्या की सूचना से पूरे घर में मातम का माहौल है तो वहीं दूसरी ओर शादी की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
सक्रिय होती पुलिस तो बच जाती जान
मृतक के पिता गोरख प्रसाद गुप्ता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस सक्रिय होती और गुमशुदगी के दिन से ही तलाश की होती तो हत्या नहीं होती। 14 को लापता होने के बाद ही पुलिस को सूचना दी गई थी। मृतक की शादी जहां तय की गयी है, वहां भी घटना की सूचना दे दी गई है।