रुपये के लालच में एक महिला ने अपने ही बेटे के अपहरण की झूठी योजना बना डाली और पांच लाख की फिरौती देने के लिए ससुर पर जमीन बेचने का दबाव बनाने लगी। अपहरण का केस दर्ज कर छानबीन में जुटी पुलिस ने शनिवार को बच्चे को रिश्तेदार के घर से बरामद कर मामले का पर्दाफाश कर दिया।
बांसगांव प्रतिनिधि के अनुसार बस्ती, दुबौलिया के कसैला गांव की रहने वाली मीना सिंह का उसके पति विजय सिंह से विवाद चल रहा है। पत्नी और आठ साल के बेटे विक्रम को घर छोड़कर विजय बाहर रहते हैं। रुपये की जरूरत पड़ने पर चार दिन पहले मीना ने विक्रम को बांसगांव में रहने वाले रिश्तेदार के घर भेज दिया और ससुर गोपाल सिंह को बेटे के अपहरण की झूठी सूचना देकर थाने पहुंच तहरीर दे दी। रिश्तेदार ने मीना के कहने पर उसके ससुर के मोबाइल पर फोन कर पांच लाख रुपये फिरौती मांगी।
सर्विलांस की मदद से दुबौलिया पुलिस और बस्ती क्राइम ब्रांच को विक्रम के बांसगांव क्षेत्र में होने की जानकारी मिली। शनिवार की सुबह बस्ती पुलिस बांसगांव थाने पहुंची और बांसगांव पुलिस की मदद से दोपहर 3:30 बजे वार्ड नंबर 12 में रहने वाले मीना के रिश्तेदार बलदाऊ सिंह के घर दबिश देकर विक्रम को बरामद कर उसके बेटे दीपू को गिरफ्तार कर लिया।
एसओ बांसगांव अखिलेश सिंह ने बताया कि रुपये की जरूरत होने पर मीना ने बेटे के अपहरण की झूठी योजना बनाई थी। फोन कराने के बाद जमीन बेचने के लिए गोपाल सिंह पर वह दबाव बना रही थी। लेकिन पुलिस की सक्रियता से वह अपने मकसद में फेल हो गई।