बड़हलगंज के बैरियाखास गांव में चार मार्च को जानलेवा हमले में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुरानी रंजिश में युवक पर रात के समय हमला हुआ था। उसका उपचार लखनऊ के एक अस्पताल में चल रहा था, जहां बृहस्पतिवार को उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को शव आने के बाद गांव के लोग आक्रोशित हो गए। पुलिस पर आरोपियों पर कार्रवाई न करने के विरोध में दाह संस्कार से ही इन्कार कर दिया। सूचना पाते ही सीओ मौके पर पहुंच गए और हत्या का केस दर्ज करने का आश्वासन देकर दाह संस्कार कराया।
चार मार्च को महातम विश्वकर्मा (19) पुत्र गोविंद विश्वकर्मा रात में भोजन के बाद मकान के बरामदे में सोया था। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियार से उसके ऊपर हमला कर दिया, जिसमें वह बुरी तरह से घायल हो गया था। आधी रात के बाद घर में सो रहे घरवाले शौच के लिए निकले तो देखा की गोविंद जमीन पर गंभीर रूप से घायल पड़ा है। उसके मुंह और कान से खून निकल रहा था। घरवालों ने आनन-फ ानन में उपचार के लिए गोरखपुर के अस्पताल में भर्ती कराया जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने केजीएमसी लखनऊ के लिए रेफ र कर दिया। बृहस्पतिवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना पर मुकामी पुलिस अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध एनसीआर दर्ज किया था। मौत के बाद शुक्रवार को आक्रोशित घरवालों ने शव को दाहसंस्कार न करने के लिए ठान ली। इसकी सूचना जब पुलिस को मिली तो मौके पर सीओ गोला केशव सिंह व कोतवाल अतुल सिंह पहुंच कर मामले को शांत कराया और हत्या का अभियोग पंजीकृत करने का आश्वासन दिया। इसके बाद दाह संस्कार हुआ।