फोरलेन पर कोनी के पास दो दिन पहले बदमाशों ने ट्रक ड्राइवर का अपहरण कर चायपत्ती लदा ट्रक लूट लिया। ड्राइवर का हाथ-पैर बांधने के साथ ही बदमाशों ने रुपये और मोबाइल भी छीन लिए और औरंगाबाद में सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। राहगीरों की मदद से पीड़ित ने औरंगाबाद पुलिस को घटना की जानकारी दी, जहां से उसे खोराबार भेज दिया गया। शनिवार को ट्रक मालिक के साथ थाने पहुंचे ड्राइवर ने कार सवार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी। मुकदमा दर्ज कर कैंट पुलिस छानबीन कर रही है।
गोपालगंज (बिहार) के सिधवलिया, सीलमपुरघाट निवासी विक्रम भगत ट्रक ड्राइवर हैं। वह चार महीने से पास के गांव बरतिया के योगेंद्र तिवारी का ट्रक चलाते थे। एक जुलाई की रात गुवाहाटी से अकेले ही चायपत्ती लादकर वह इंदौर के लिए निकले थे। छह जुलाई की रात 10:30 बजे के करीब फोरलेन पर कोनी चौराहे के पास दो कार से आए बदमाशों ने ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया।
विक्रम का आरोप है कि केबिन में घुसे पांच बदमाशों ने पिटाई कर उनका मोबाइल और जेब में रखे सात हजार रुपये निकाल लिए और हाथ-पैर, मुंह बांधकर केबिन की पिछली सीट पर लिटा दिया। कुशीनगर से आगे बढ़ने पर उन्हें ट्रक से उतारकर कार में बैठा लिया और अगले दिन औरंगाबाद में सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। राहगीरों ने हाथ-पैर खोलकर औरंगाबाद पुलिस को सूचना दी। थाने जाने पर पुलिस ने घटनास्थल खोराबार में होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया।
थाने से ही घटना की जानकारी विक्रम भगत ने ट्रक मालिक योगेंद्र और चायपत्ती मंगाने वाले कानपुर के व्यापारी कुलदीप सिंह को दी। शनिवार को ट्रक मालिक और व्यापारी के साथ खोराबार थाने पहुंचे विक्रम ने अज्ञात बदमाशों पर बंधक बनाकर लूटने का केस दर्ज कराया। व्यापारी ने बताया कि ट्रक में 25 लाख रुपये कीमत की चायपत्ती थी। सीओ कैंट अभय मिश्रा ने बताया कि मामले की छानबीन चल रही है।