जान के खतरे की दुहाई दी, हाथ जोड़े। विधायकों और मंत्रियों से सिफारिशें करवाईं। इस पर भी बात नहीं बनी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया। तमाम जद्दोजहद के बाद किसी तरह शस्त्र लाइसेंस तो हासिल कर लिया मगर सालों से असलहा नहीं खरीद सके। बस लाइसेंस जिंदा रखने के लिए रिन्यूअल पर रिन्यूअल कराते रहे। कभी किसी प्रभारी अधिकारी शस्त्र ने सख्ती की तो फिर बहाने और जनप्रतिनिधियों आदि से सिफारिश करवाकर लाइसेंस रिन्यूअल करवा लिया। जब तक रिन्यूअल की दोबारा तारीख आई, सख्ती बरतने वाले अफसर का ही तबादला हो गया। मगर इस बार प्रशासन ने ऐसे लोगों के साथ कोई रियायत नहीं देने का निर्णय लिया है।
डीएम संध्या तिवारी का कहना है ऐसे सभी लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे जो लाइसेंस बनने के बाद भी शस्त्र नहीं खरीद रहे। इसे लेकर कार्रवाई शुरू भी कर दी गई है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के 148 लोगों को नोटिस भेजा गया है। सभी को चेताया गया है कि लाइसेंस बनने के बाद भी आपने शस्त्र नहीं खरीदा है क्यों न आपका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाय। डीएम का कहना है कि शस्त्र नहीं खरीद पाने की वाजिब वजह नहीं बता पाने वाले सभी लोगों के लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे।