महिला अपराध के मामले में संजीदगी न दिखाने वाले पुलिस के अफसर और थानेदारों की कार्यप्रणाली पर आईजी ने सवाल खड़े किए हैं। सहजनवां और चौरीचौरा के मामले की जांच कराकर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराने के साथ ही एसपी ग्रामीण और सीओ एलआईयू से स्पष्टीकरण मांगा है।
डीआईजी को पत्र लिख 15 दिन के भीतर निर्देश का अनुपालन कराने को कहा है। रेप पीड़ित युवती के आत्मदाह करने शनिवार दोपहर डीएम आफिस पहुंचने के मामले को आईजी एचआर शर्मा ने गंभीरता से लिया है। आरोपी को पकड़ने के बाद थाने से छोड़ने, पीड़ित के आत्मदाह करने डीएम आफिस पहुंचने के घटना की जानकारी एलआईयू के साथ ही पर्यवेक्षण अधिकारी के न होने पर सवाल उठाए हैं।
डीआईजी को लिख पत्र में उन्होंने सहजनवां में 18 मार्च को छात्रा का अपहरण कर गैंगरेप करने की घटना का भी हवाला दिया है जिसमें पीड़ित की बात अनसुनी कर आरोपियों को थाने से छोड़ दिया गया। कोर्ट के मामले का संज्ञान लेने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी होने पर उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर चिंता जताया।
डीआईजी शिव सागर सिंह से उन्होंने सीओ कैंपियरगंज, सीओ चौरीचौरा, इंस्पेक्टर सहजनवां, एसओ चौरीचौरा के भूमिका की जांच कराने के साथ ही एसपी (ग्रामीण) ब्रजेश सिंह, सीओ एलआईयू ओपी सिंह से स्पष्टीकरण लेकर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। आईजी के निर्देश की जानकारी होने के बाद महकमे में हड़कंप मचा है।