कुशीनगर का गिरोह कर रहा छुट्टा पशुओं की तस्करी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कुशीनगर का गिरोह शहर के छुट्टा पशुओं की चोरी कर तस्करी करता है। 30 अक्टूबर को पादरी बाजार क्षेत्र में पिकअप पकड़े जाने के बाद तरयासुजान का रहने वाला तस्कर और उसके साथी फरार है। 15 दिन पहले इन लोगों ने पीछा करने पर शाहपुर थाने के सिपाही पर जानलेवा हमला किया था। दो माह पहले इस गिरोह के एक सदस्य को गुलरिहा पुलिस ने पकड़ा था लेकिन बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया था।
30 अक्टूबर को पुलिस की जीप पर पत्थर से हमला कर भाग रहे तस्कर तरयासुजान क्षेत्र के रहने वाले है। कब्जे में ली गई पिकअप के चेसिस नंबर से पुलिस ने यह जानकारी जुटाई है। गाड़ी जिस व्यक्ति की है वह गिरोह के सदस्यों संग रात में शहर के छुट्टा पशुओं की चोरी कर कुशीनगर के रास्ते बिहार पहुंचाता है। 15 दिन पहले शाहपुर थाने के सिपाही शिवानंद उपाध्याय ने तस्करों को रोकने का प्रयास किया लेकिन पत्थर से हमला कर घायल कर दिया। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। सिपाही के ऊपर हमला होने के बाद शाहपुर पुलिस तस्करों की तलाश में जुटी थी। 30 अक्टूबर की रात में पादरी बाजार के पास घेराबंदी करने पर वह पशुओं से भरे पिकअप छोड़कर भाग निकले थे। दो माह पहले गुलरिहा, शाहपुर, कैंट पुलिस ने घेराबंदी कर इस गिरोह के एक बदमाश को पिकअप के साथ पकड़ा था। कुशीनगर कटया के रहने वाले आरोपी को गुलरिहा पुलिस ने पूछताछ के बाद नेताओं के दबाव में छोड़ दिया था।
दरोगा की भूमिका पर उठे सवाल
कुशीनगर में तैनात रहे दरोगा की भूमिका पशु तस्करी की घटना में संदिग्ध मानी जा रही है। कुशीनगर में तैनाती के दौरान ही तस्कर से उसकी जान - पहचान होने की बात कही जा रही है। दरोगा जिस क्षेत्र में तैनात है, पशु तस्कर भी उसी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं।