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एसटीएफ ने महाराष्ट्र पुलिस की मदद से हत्यारे को पकड़ा

Fri, 29 Apr 2016 10:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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हत्यारोपी निजामुद्दीन को गोरखपुर से मुंबई लेकर जाती क्राइम ब्रांच की टीम । - फोटो : shivharsh
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थाणे (महाराष्ट्र) में प्रापर्टी डीलर की हत्या करने वाले बदमाश को एसटीएफ ने बृहस्पतिवार रात महाराष्ट्र पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया। सिद्धार्थनगर का रहने वाला आरोपी वर्ष 2009 में वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस से बचने के लिए नेपाल में छिपा था। प्रापर्टी डीलर देवरिया का रहने वाला था। शुक्रवार की दोपहर बाद महाराष्ट्र पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। ट्रांजिट रिमांड मिलने पर शाम को उसे लेकर थाणे रवाना हो गई।
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सीओ एसटीएफ विकास त्रिपाठी ने बताया कि देवरिया, बरहज के कपरवार निवासी प्रमोद शर्मा थाणे के खोपट नौपाड़ा में रहकर मुंबरा के असीरुद्दीन के साथ मिलकर प्रापर्टी डीलर का काम करते थे। 50 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद होने पर असीरुद्दीन ने थाणे में कबाड़ी का काम करने वाले सिद्धार्थनगर, तिलखाना नौगढ़ के रहने वाले निजामुद्दीन उर्फ अलीमुद्दीन को हत्या की सुपारी दी थी।

29 अप्रैल 2009 को निजामुद्दीन अपने एक साथी की मदद से प्रमोद को लेकर मुंबरा पनवेल रोड पर शिव गांव के जंगल में गया। वहां उसने उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद वह मुंबई से फरार हो गया। पुलिस से बचने के लिए लुंबिनी के सिवलवां गांव में जाकर रहने लगा। चौराहे पर उसने पान की दुकान खोली थी। अक्सर वह सिद्धार्थनगर और गोरखपुर आता- जाता था।
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थाणे की क्राइम ब्रांच ने अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए कई बार प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। एसपी एसटीएफ के निर्देश पर गोरखपुर यूनिट निजामुद्दीन की तलाश में जुटी थी। लोकेशन मिलने के बाद थाणे क्राइम ब्रांच के दरोगा एसजी कुस्पे बृहस्पतिवार को गोरखपुर पहुंचे थे। रात दो बजे रेलवे स्टेशन के पास उसे गिरफ्तार कर लिया।  डकैती के बाद थाणे भागा था निजामुद्दीन सीओ एसटीएफ  विकास त्रिपाठी ने बताया कि सिद्धार्थनगर में डकैती की वारदात को अंजाम देने के बाद निजामुद्दीन मुंबई भाग गया था। थाणे में वह कबाड़ी का काम करता था। आते-जाते उसकी पहचान प्रापर्टी डीलर असीरुद्दीन से हुई थी। निजामुद्दीन सिद्धार्थनगर के तेतरी थाने का मजारिया हिस्ट्रीशीटर है। दूसरा भाई कमरुद्दीन भी आपराधिक प्रवृत्ति का है। निजामुद्दीन का एक हाथ बम के इस्तेमाल के समय उड़ गया था लेकिन उसका कहना है कि वह पशुओं के लिए चारा काटते समय मशीन की चपेट में आ गया था।  धोखे से जंगल में ले जाकर काट दी थी गर्दन प्रापर्टी डीलर प्रमोद शर्मा का परिचय निजामुद्दीन से भी था। वह उन्हें जंगल में घुमाने के बहाने धोखे से लेकर गया था। शराब पीने के दौरान अपने साथी रफीकुल्लाह की मदद से उसने प्रमोद की गर्दन काट दी थी। सिर और धड़ अलग-अलग स्थानों पर छुपाकर वे भाग निकले। वारदात में नाम सामने आने पर वह थाणे से भी भाग आया। क्राइम ब्रांच के सिद्धार्थनगर आने पर वह नेपाल जाकर छिप गया।
हत्यारोपी महाराष्ट्र पुलिस के हत्थे चढ़ा खबर में इनसेट करें या आसपास लगाएं मोहाना में निजामुद्दीन पर दर्ज हैं तीन मामले गोरखपुर में एसटीएफ व क्राइम ब्रांच ठाणे के हत्थे चढ़ा हत्या आरोपी निजामुद्दीन उर्फ अलीमुद्दीन थाना मोहाने में दर्ज तीन मामलों में पहले भी जेल जा चुका है। नेपाल के ग्राम शिवबलका का मूल निवासी निजामुद्दीन 1995 में सदर थाना क्षेत्र के पुराने नौगढ़ के पास तिलकहना ग्राम में रहने के लिए आ गया था। उसके खिलाफ थाना मोहाना में लूट, चोरी के साथ माल बरामदगी व आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। तीनों मामले कुछ ही दिनों के अंतराल में दर्ज हुए थे। सीओ सदर अकमल खान ने बताया कि निजामुद्दीन का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2006 में जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद वह भूमिगत हो गया था। वह नेपाल में रह रहा था।
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