बैंकाक में अवैध रूप से रहे युवक ने फिर जालसाजी की है। बैंकाक पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के साथ ही ब्लैकलिस्ट करके भारत भेज दिया था। लेकिन अब वह एक बार फिर फर्जी दस्तावेजों पर पासपोर्ट बनवाकर दोबार बैकाक चला गया है और खबर है कि विवाहित होने के बाद भी वह वहां दूसरी शादी करने की तैयारी कर रहा है। आईजी ने सीओ बांसगांव को मामले की जांच का आदेश दिया है।
गोला थाना क्षेत्र के डांड़ी गांव के शैलेश कुमार मिश्र ने आईजी और पासपोर्ट कार्यालय में पत्र भेजकर शिकायत की है कि उनके गांव का एक शख्स 30 नवंबर 2005 को जारी पासपोर्ट के आधार पर बैंकाक चला गया था। वीजा अवधि खत्म होने के बाद अवैध रूप से रहने के आरोप में बैंकाक पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पासपोर्ट जब्त कर लिया गया और ब्लैक लिस्ट करके भारत भेज दिया था।
वापस आने के बाद उसने मुन्ना मिश्र के नाम से दोबारा पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की। हालांकि एलआईयू की जांच में पकड़े जाने पर उसके खिलाफ गोला थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। वादी दरोगा का कहना था कि मुन्ना मिश्र का असली नाम अरुण कुमार मिश्र है और वह पहले से जारी पासपोर्ट पर विदेश यात्रा कर चुका है। तथ्यों को छिपाकर और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वह दोबारा पासपोर्ट बनाने की कोशिश कर रहा है।
इस मामले में पुलिस ने मुन्ना उर्फ अरुण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद वह कुछ माह के लिए कहीं गायब हो गया। बाद में उसने अपना नाम पता बदल लिया। इस बार उसने अपना नाम अरुण कुमार निवासी खैंचा, पनियरा, महाराजगंज रखकर सभी दस्तावेजों में बदलाव करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और 29 फरवरी को उसी के सहारे पासपोर्ट जारी कराकर छह अप्रैल को दोबारा बैंकाक चला गया है।
आरोप है कि वह शादीशुदा होने के बावजूद बैंकाक में शादी करने की तैयारी में है। इससे उसकी पत्नी और बच्चे परेशान हैं। सीओ बांसगांव ने बताया कि आरोपी मुन्ना उर्फ अरुण मिश्र पांच साल पहले दर्ज मुकदमे में गिरफ्तार होकर जेल गया था। इस बार जारी पासपोर्ट महाराजगंज का है। इसकी जांच की जा रही है।