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सिपाही के घर से भागी गैंगेरेप पीड़ित 

Sat, 02 Apr 2016 08:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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क्राइम
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गोरखपुर। सहजनवां की गैंगरेप पीड़ित छात्रा पुलिस की प्रताड़ना से आजिज आकर शनिवार की सुबह महिला सिपाही के घर से भाग निकली। मेडिकल होने के बाद भी कोर्ट में एसओ उसका बयान दर्ज नहीं करा रहे थे। आशा ज्योति केंद्र होने के बाद भी समझौते के लिए दबाव बनाने की खातिर महिला सिपाही ने उसे अपने घर रखा था।
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पीड़ित के भागने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया। दोपहर प्रेस क्लब पहुंच उसने ज्यादती की जानकारी दी। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस उसे साथ ले गई। अब सोमवार को बयान कराए जाने की बात कही जा रही है। 

मेडिकल होने के बाद भी दो दिन से कस्टडी में रखी गई रेप पीड़ित छात्रा शनिवार की सुबह सिंघड़िया में स्थित सिपाही के घर से भाग गई। इससे महकमे में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के पूछने पर थानेदार ने बुआ के साथ गाजियाबाद जाने की झूठी जानकारी दे दी। दोपहर में प्रेस क्लब पहुंची छात्रा ने कस्टडी में रखकर प्रताड़ित करने का आरोप एसओ पर लगाया।
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पीड़ित ने कहा कि नेताओं के दबाव में एसओ दो दिन से कोर्ट नहीं आ रहे थे। खर्च के नाम पर महिला सिपाही अब तक तीन हजार रुपये ले चुकी है। जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर सहजनवां की एसएसपी ने फटकार लगाई जिसके बाद सिपाही के साथ पहुंचे पिपरौली चौकी प्रभारी छात्रा को लेकर जिला अस्पताल स्थित आशा ज्योति केंद्र ले गए। पुलिस अब सोमवार को पीड़ित का कोर्ट में बयान कराने की बात कह रही है।

शिक्षक से की थी छेड़छाड़ की शिकायत
हाईस्कूल की परीक्षा देने जाते समय भी आरोपी छात्रा के साथ ही उसकी सहेलियों से छेड़छाड़ की जाती थी। विरोध करने पर उसकी पिटाई कर दी जाती थी। घरवालों को जानकारी देने पर छात्रा की मां ने स्कूल पहुंचकर शिक्षक से इसकी शिकायत भी की। इसके बावजूद पुलिस ने मामले का संज्ञान नहीं लिया। 


क्यों झूठ बोल रहे हैं सहजनवां थानेदार
गैंगरेप की घटना को फर्जी बताने वाले सहजनवां इंस्पेक्टर यादवेंद्र पाल अधिकारियों को इस मामले में गुमराह कर रहे हैं। सिपाही की कस्टडी से छात्रा के भागने के बारे में पूछने पर झूठ बोलते हुए बुआ के घर जाने की जानकारी दे दी। पत्रकारों के बताने पर एसएसपी ने इंस्पेक्टर को डांटा तो उन्होंने नेताओं का दबाव होने की जानकारी दी। 
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