सर्राफ पर हमला करने वाले आरोपी।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
पिछले दिनों शेखपुर में सर्राफ पर हुए जानलेवा हमले के पीछे उसके भाइयों का हाथ था। उसके भाइयों ने हत्या के लिए बदमाशों को दस लाख रुपये की सुपारी दी थी। क्राइम ब्रांच की मदद से राजघाट पुलिस ने साजिशकर्ता और तीन शूटरों को गिरफ्तार कर पूरे मामले को बेनकाब कर दिया है। वारदात में शामिल दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश चल रही है।
एसएसपी रामलाल वर्मा ने रविवार को पुलिस ऑफिस में बताया कि 11 सितंबर की रात शेखपुर मोहल्ले में बदमाशों ने दुकान से घर लौटते समय सर्राफ अरुण बर्नवाल को गोली मार दी थी। उनकी पत्नी अनामिका ने अरुण के भाइयों समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया था। भाइयों की भूमिका सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपी बनाए गए सुधीर सिंह और एक अन्य आरोपी के भूमिका की छानबीन हुई तो उनके वारदात में शामिल होने की जानकारी नहीं मिली। क्राइम ब्रांच ने राजघाट पुलिस की मदद से वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उनकी पहचान अंधियारीबाग के अतुल जायसवाल, पिपरापुर के बुलेट उर्फ मोहम्मद सलीम, किफायतुल्ला और नसीम कुरैशी के रूप में हुई। अतुल, अरुण के भाई आशीष की दुकान पर काम करता था। दस लाख रुपये में उसने अरुण के हत्या की सुपारी पिपरापुर में किराए पर कमरा लेकर रहने वाले राहुल और छोटे को दी थी। एडवांस के तौर पर उसने शूटरों को तीन लाख रुपये दिए थे। पकड़े गए बदमाशों के पास से दो बाइक, दो तमंचे, दो कारतूस का खोखा और 20 हजार रुपये मिले।
बहन का कर्ज उतारने को बना अपराधी
अंधियारीबाग निवासी अतुल पिछले 10 साल से आशीष की दुकान पर नौकरी कर रहा था। सात हजार रुपए मासिक की नौकरी करने वाले अतुल की छोटी की बहन की शादी सात जुलाई को हुई थी। बहन की शादी के लिए उसने दो लाख रुपये कर्ज लिया था। 10 लाख मिलने की वजह से वह लालच में आ गया।