नवीन गल्ला मंडी में दाल व्यापारियों और मंडी इंस्पेक्टरों की सांठ-गांठ से टैक्स चोरी का मामला उजागर हुआ है। एक शिकायत के बाद हुई जांच में 42 लाख की टैक्स चोरी की पुष्टि हुई है। मामले में कार्र्रवाई करते हुए राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के उप निदेशक राजीव श्रीवास्तव ने चारों इंस्पेक्टरों का तबादला कर दिया है।
जांच में पता चला है कि जून 2015 से मार्च 2016 तक चार दाल व्यापारियों ने मंडी शुल्क में हेराफेरी की है। मंडी में आने वाले माल पर ढाई प्रतिशत शुल्क देना होता है। दो प्रतिशत मंडी शुल्क के नाम पर और आधा प्रतिशत विकास के लिए। मगर व्यापारियों ने मंडी इंस्पेक्टरों की मदद से इसकी अदायगी ही नहीं की। शिकायत के बाद व्यापार कर की सूची मंगाई गई और जांच हुई तो टैक्स चोरी की पुष्टि हो गई। दाल व्यापारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है तो वहीं इंस्पेक्टरों पर तबादले की कार्रवाई की गई है। मंडी निरीक्षक एसके त्रिपाठी का देवरिया, मंडी सहायक श्याम देव का सहजनवां, ओम प्रकाश सिंह का चौरीचौरा और नगेंद्र सिंह का नौतनवां तबादला हुआ है।
अब तक की जांच में सचिन ब्रदर्स पर 22.5 लाख, जगदीश प्रसाद व सुरेश कुमार पर 5.5 लाख, जेठू जी ट्रेडर्स पर 4.5 लाख, सत्यम ट्रेडिंग कंपनी पर 9.5 लाख रुपये टैक्स चोरी का आरोप है। जिन्हें नोटिस जारी किया गया है।
मंडी शुल्क में चोरी का मामला सामने आया है। इसके लिए व्यापारियों को नोटिस दिया गया है। वहीं, चार मंडी इंस्पेक्टरों का तबादला किया गया है।
- राजीव श्रीवास्तव, उप निदेशक प्रशासन विपणन