गोरखपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में सात दिन से धरने पर बैठे चिलुआताल इलाके के एक परिवार के चार लोगों ने आत्मदाह की कोशिश की। पुलिस ने गिरफ्तार कर चारों पर आत्महत्या की कोशिश का केस दर्ज कर जेल भेज दिया। वह पुलिस पर फर्जी तरीके से फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए फिर से विवेचना की मांग कर रहे थे। परिवार वालों का आरोप है कि आए दिन उन्हें पुलिस परेशान करती है और दर्ज मुकदमे में भी उन्हें पुलिस ने रुपये लेकर फंसाया था।
चिलुआताल के फतेहपुर के गुलाम मुस्तफा, पत्नी हदीशुन निशा, बेटा जुल्फिकार अली और बहन डीएम दफ्तर के सामने धरने पर बैठे थे। कई दिनों के धरने के बाद भी उनकी मांग सुनने के लिए कोई अफसर नहीं आया। गुलाम के मुताबिक 2010 में परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी समेत तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इस मुकदमे में फंसाया था और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे, मगर कोई सुनने वाला नहीं है। बुधवार की सुबह अचानक पीड़ित परिवार के लोगों ने अपने ऊपर केरोसिन तेल छिड़क लिया और आग लगाने ही वाले थे कि मौजूद पुलिस वालों ने पकड़ लिया। आत्मदाह की कोशिश की खबर पाकर एसपी सिटी हेमराज मीणा, सीओ कैंट अभय मिश्रा मौके पर पहुंच गए। महिला पुलिस की मदद लेते हुए चारों को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया। एसपी सिटी हेमराज मीणा ने बताया कि 2010 का मामला है, इसकी विवेचना पूरी हो चुकी है लेकिन परिवार वाले इससे संतुष्ट नहीं है।