मां के साथ बच्चे, जिन पर मुकदमा दर्ज हुअा था
झंगहा क्षेत्र में पांच महीने पहले हुई मारपीट की घटना में पुलिस ने मासूम भाइयों समेत चार के खिलाफ हत्या के प्रयास, छेड़छाड़ का केस दर्ज किया है। एक पक्ष ने इस मामले में लूट का केस दर्ज कराया था। दूसरे पक्ष ने कोर्ट में प्रार्थना देकर महिला और युवक के अलावा दो बच्चों को भी आरोपी बना दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद घर पर दरोगा के पहुंचने पर पीड़ित को मामले की जानकारी हुई। आईजी ने थानेदार को मुकदमे से बच्चों का नाम निकालने का निर्देश दिया है।
13 मार्च को झंगहा राजधानी गांव में पट्टीदारों के बीच मामूली बात को लेकर मारपीट हो गई। एक पक्ष ने लूट और घर में घुसकर मारपीट करने का केस दर्ज करा दिया था। पुलिस ने दोनों पक्ष के लोगों को शांतिभंग की आशंका में पाबंद भी किया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर दूसरे पक्ष के विकास, सावित्री उसके बेटे सोनू (7) और और मोनू (5) के खिलाफ शिकायत करते हुए अपनी 14 साल की बेटी से छेड़छाड़ करने और विरोध पर चाकू से गला रेतकर मारने का प्रयास करने का आरोप लगाया था।
महिला ने कोर्ट में सोनू व मोन के उम्र की जानकारी नहीं दी थी। इस कारण उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश हो गया। 27 जून को झंगहा पुलिस ने सभी के खिलाफ हत्या के प्रयास, छेड़छाड़, तोडफोड़ और मारपीट का केस दर्ज कर लिया। जांच करने दरोगा एमपी सिंह पहुंचे तो दोनों बच्चों को देख हैरान रह गए। मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला ने बच्चों को फंसाने की बात पूछने पर अपने खिलाफ भी लूट का झूठा केस दर्ज होने की बात बताई।