पीपीगंज के तिघरा गांव से इंटर की छात्रा का अपहरण कर हत्या किए जाने के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। छात्रा के पिता करीब छह महीने से कार्रवाई के लिए भटक रहे थे। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से फरियाद की थी। उसके बाद आईजी मोहित अग्रवाल के आदेश पर पीपीगंज पुलिस ने चार लोगों पर केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।
तिघरा गांव निवासी रामकरन मौर्या का कहना है कि उनकी बेटी शशिकला इंटर की छात्रा थी। गांव का ही रामप्रवेश उसके साथ छेड़खानी करता था। 26 जून 2014 को शशिकला को जबरन साथ ले जाने की नीयत से रामप्रवेश अपने भाई बबलू के साथ घर पर पहुंच गया और मारपीट भी की। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे आरोपियों का मनोबल बढ़ गया। शशिकला इंटर की परीक्षा दे रही थी। 25 मार्च 2015 को उसका आखिरी पेपर था। उसी दिन सुबह वह नित्यक्रिया के लिए खेत में गई थी। आरोप के मुताबिक रामप्रवेश ने अपने घरवालों के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया।
छात्रा के पिता ने कई बार थाने का चक्कर लगाया, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अचानक सात जुलाई 2017 को यह सूचना मिली कि शशिकला की जलकर मौत हो गई है और मोर्चरी में शव रखा है। मेडिकल कॉलेज स्थित मोर्चरी में जाने पर भी रामप्रवेश को शव तक नहीं जाने दिया गया और उनसे मारपीट की गई। इसकी शिकायत करने पर केस दर्ज नहीं हुआ। परेशान रामकरन ने सीएम योगी आदित्यनाथ से शिकायत की। उसके बाद आईजी के पास भी प्रार्थना पत्र आया। आईजी के आदेश वर शनिवार को पुलिस ने रामप्रवेश, बबलू, पिता हरिनारायण और उनकी पत्नी के खिलाफ अपहरण और हत्या के आरोप में केस दर्ज कर लिया।