पूर्वोत्तर रेलवे में फर्जी नियुक्ति पत्र के जरिये नौकरी देने की कोशिश का मामला सामने आया है। तीन युवकों द्वारा फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचने से रेल अफसर भी सकते में आ गए। उन्होंने दो युवकों को मंगलवार को बुलाया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। इसके बाद रेल प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू करा दी है।
सोमवार को रेलवे स्टेशन स्थित मुख्य चल टिकट निरीक्षक दफ्तर पर हरियाणा के रेवाड़ी का विकास यादव टीसी पद के लिए ज्वाइन करने पहुंचा। विकास ने अधिकारियों को रेलवे भर्ती बोर्ड, गोरखपुर का एक नियुक्ति पत्र दिया जिसमें उसकी टिकट कलेक्टर पद के लिए नियुक्ति की गई थी। अधिकारियों नियुक्ति पत्र देखने के बाद फर्जी बताया। इसके बाद अधिकारियों ने मंडल कार्यालय से संपर्क कर पूछताछ की।
पता चला कि ऐसी कोई नियुक्ति नहीं हुई है। कुछ ही देर बाद दो और युवक गार्ड के लिए नियुक्ति पत्र लेकर पहुंच गए। अधिकारियों ने दोनों तीनों को मंगलवार को बुलाया था लेकिन वे नहीं पहुंचे। अधिकारियों ने विकास से संपर्क साधकर तहरीर देने की बात कही तो उसने इन्कार कर दिया। विकास ने कहा कि वह हरियाणा में एफआईआर कराएगा, जबकि अन्य दोनों युवकों से संपर्क नहीं हो सका।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर आए युवकों ने लिखित शिकायत नहीं की और न ही आरपीएफ को तहरीर दी। लेकिन इस मामले में जांच कराई जाएगी ताकि युवकों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो सके। उन्होंने कहा कि रेलवे में नियुक्ति आरआरसी और आरआरबी द्वारा होती है, इसके अलावा कोई अन्य संस्था नहीं है। युवक दलालों से सावधान रहें।