मदरसा शिक्षा परिषद् परीक्षा के तीसरे दिन सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। गाइड लेकर परीक्षा केंद्र में दाखिल होने से रोकने पर परीक्षार्थी शिक्षकों से भिड़ गया। शिक्षकों से हाथापाई करने के साथ ही उसने एक शिक्षक को दांत से काट लिया। हंगामे के बाद केंद्र व्यवस्थापक ने पुलिस बुलाई। हालांकि परीक्षार्थी को परीक्षा देने दिया गया। इसके बाद 100 नंबर की गाड़ी उसे थाने ले गई, जहां बड़े भाई की मौजूदगी में उसने लिखित माफी मांगी। शिक्षकों ने परीक्षार्थी के कॅरियर को ध्यान में रखते हुए उसे माफ कर दिया।
मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार में गुरुवार को प्रथम पाली में मुंशी, मौलवी की परीक्षा थी। अध्यापक नवेद आलम, मो. नसीम खान, मो. अहमद लारी, मो. हाशिम आदि गेट पर परीक्षार्थियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मौलवी की परीक्षा देने आया परीक्षार्थी मो. इरशाद अहमद गाइड लेकर भीतर जाने की कोशिश करने लगा। रोकने पर उसने शिक्षकों पर हमला कर दिया। यहीं नहीं उसने जानमाल की धमकी भी दी। मदरसा प्रबंधक तहव्वर हुसैन ने बताया कि परीक्षार्थी के उत्पात के चलते 100 नंबर पर फोन किया गया। परीक्षा के बाद पुलिस उसे थाने ले गई, जहां पर लिखित माफी मांगने के बाद परीक्षार्थी के कॅरियर को ध्यान में रखते हुए उसे जाने दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मदरसा प्रबंधक तहव्वर हुसैन ने कहा कि घटना से परीक्षा केंद्र बनाए गए मदरसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। परीक्षा के दौरान सुरक्षा की मांग के बाद भी यहां कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं किया गया। अगर सुरक्षाकर्मी मौजूद रहते तो शायद यह घटना न होती। प्रशासन ने करीब चार हजार मदरसा परीक्षार्थियों व शिक्षकों की सुरक्षा खुदा के भरोसे छोड़ी हुई हैं। शिक्षक नवेद आलम ने बताया कि थानाध्यक्ष ने मदरसा पर सुरक्षाकर्मी तैनात करने का आश्वासन दिया है।