बांसगांव के भाटपार में गड्ढा खोदकर समाधि लेने की अफवाह फैलाने वाले ढोंगी बाबा को पुलिस ने पकड़ तो लिया, लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। बाबा ने एक सप्ताह तक समाधि लेने के बाद उसी स्थान पर मंदिर बनवाने का दावा किया था। लोगों की आंखें तब खुली की खुली रह गईं जब पुलिस की जांच में समाधि के लिए खोदे गए गड्ढे से खाने-पीने, सौंदर्य प्रसाधन और मनोरंजन तक के सामान मिले।
हरनही प्रतिनिधि के मुताबिक बुधवार को एक शख्स ने खुद को साधू बताते हुए गांव वालों को झांसे में ले लिया। ग्रामीणों ने उसके लिए 12 फीट का गड्ढा खोद दिया। उसमें पंखा भी लगा दिया। सारी सुविधाओं से लैस ढोंगी बाबा गड्ढे में चला गया। सांस लेने के लिए उसने गड्ढे के ऊपर बांस और पटरे रखने का आदेश दिया। उसके इसी आदेश के बाद गांव वालों को शक होने लगा। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ढाेंगी बाबा को हिरासत में लिया।
पुलिस ने जब गड्ढे में देखा तो उसमें सौदर्य प्रसाधन के सामान, टीवी, इन्वर्टर, मोबाइल, खाद्य पदार्थ सब कुछ मिल गया। गांव वालों ने जब बाबा का यह रूप देखा तो वे उग्र हो गए। उनकी नाराजगी के बीच पुलिस बाबा को लेकर थाने चली गई, मगर पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया। कार्यवाहक थाना प्रभारी सरफराज अहमद ने बताया कि साधू को पूछताछ के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
बाराबंकी का रहने वाला है ढोंगी बाबा
बाराबंकी थाना क्षेत्र का मीननगर निवासी मुन्ना सिंह का पुत्र सत्यनंद साई 10 सालों से खुद को साधू बताकर समाधि लेने के नाम पर लोगों को फांसता है और फिर दान-दक्षिणा लेकर फरार हो जाता है।
गड्ढे में जाने-आने के लिए सीढ़ी भी थी
हरनही। ग्राम भाटपार में ढोंगी बाबा का समाधि स्थल सबके लिए कौतूहल का विषय बना रहा। 12 फीट गहरे और दस फीट चौड़े गड्ढे को ऊपर से बल्ली और पटरे ढंका गया था। एक साइड से कच्ची सीढ़ियों से अंदर जाने का रास्ता भी बनाया गया था।