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रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया मुंबई का फरार ड्रग तस्कर

Mon, 30 May 2016 08:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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जयमुखी को कोर्ट में पेश करने ले जाती थाणे क्राइम ब्रांच की टीम। - फोटो : mahesh kumar
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मुंबई के रहने वाले फरार इंटरनेशनल ड्रग तस्कर जयमुखी को एसटीएफ ने सोमवार को थाणे क्राइम ब्रांच की मदद से गोरखपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। केन्या में छिपे इंटरनेशनल ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी का यह करीबी कंपनी की आड़ में प्रतिबंधित एफड्रीन की सप्लाई करता था।
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रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद वह डेढ़ महीने से काठमांडू में छिपा था। उसके पकड़े जाने के बाद भारत के साथ ही चीन, नेपाल में फैले रैकेट के बारे में जानकारी जुटाने में पुलिस के साथ ही खुफिया एजेंसियां लगी हैं। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद देर शाम थाणे पुलिस तस्कर को लेकर मुंबई रवाना हो गई।

वेस्ट मुंबई के सिंधी, कॉलोनी सायन के ड्रग तस्कर जयमुखी की लोकेशन नेपाल बार्डर पर मिलने के बाद थाणे की क्राइम ब्रांच उसे ढूंढते हुए यहां पहुंची थी। जानकारी मिलने पर एसटीएफ की गोरखपुर यूनिट प्रभारी विकास त्रिपाठी भी अपनी टीम के साथ उसकी तलाश में जुट गए। सोमवार की सुबह गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर जयमुखी की लोकेशन मिलने के बाद एसटीएफ ने थाणे क्राइम ब्रांच की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से पासपोर्ट मिला।
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छानबीन में पता चला कि ड़ेढ़ महीने पहले प्रतिबंधित एफेड्रीन के साथ साथियों के पकड़े जाने के बाद वह फरार हो गया था। काठमांडू में रहकर वह धंधे को संचालित कर रहा था। जयमुखी केन्या में रहने वाले इंटरनेशनल ड्रग तस्कर विक्की गोस्वामी का करीबी है। थाणे पुलिस उसके चार साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।  फैक्ट्री में पकड़ी गई थी 2300 टन एफेड्रीन  थाणे क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स सेल ने 12 अप्रैल 2016 को मुंबई पनवेल के रहने वाले तस्कर सागर सुरेश और मयूर सुरेश को गिरफ्तार किया था। दोनों से मिली जानकारी पर पुलिस ने मुंबई के अलग- अलग इलाकों में कार्रवाई की। अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया के रैकेट से जुड़े सोलापुर के धोनेश्वर स्वामी, मनोज जैन, शंकर धोते, विरार निवासी पुनीत श्रृंगी, नवी मुंबई के हरदीप सिंह और गुजरात के नरेंद्र मंचा को अरेस्ट किया। पकड़े गए लोगों के पास से दो हजार करोड़ रुपये की 2300 टन एफेड्रिन ड्रग बरामद हुई। सोलापुर में फार्मास्युटिकल की फैक्ट्री चलाने वाले मनोज जैन ने पुलिस को बताया कि उनके चार साथी जयमुखी, किशोर राठौर, विक्की गोस्वामी और सुशील कुमार फरार हो गए हैं। चारों की तलाश में थाणे पुलिस लगी थी। 
केन्या में छिपा इंटरनेशनल ड्रग माफिया वेस्ट मुंबई के सायन, सिंधी कॉलोनी निवासी जयमुखी थाणे में खुशबू डायकैम नाम की कंपनी चलाता था। उसके साथी मनोज जैन एवन लाइफ साइसेंस नाम की दवा कंपनी चलाता है। रा-मैटिरियल्स सप्लाई की आड़ में अवैध मादक पदार्थ एफेड्रीन सप्लाई करते थे। दवा कंपनी में मामला पकड़े जाने पर वह फरार हो गया था। काठमांडू में रहकर वह धंधा चलाता था। पुलिस को उसने बताया कि वह केन्या में रहने वाले विक्की गोस्वामी के लिए काम करता है। जनवरी में केन्या जाकर उससे मुलाकात किया था। धंधे के सिलसिले में चीन भी जा चुका है।

जयमुखी कंपनी की आड़ में ड्रग तस्करी का धंधा करता था। उसके रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद लुक आउट नोटिस जारी हुआ था। थाणे क्राइम ब्रांच उसकी लोकेशन मिलने के बाद यहां आई थी। जानकारी के बाद रेलवे स्टेशन के पास से उसे गिरफ्तार किया गया। 
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- विकास चंद त्रिपाठी, सीओ, एसटीएफ, गोरखपुर
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