मर्चेंट नेवी में बतौर ट्रेनी काम करने स्पेन गया गोरखपुर का युवक ड्रग तस्करी में पकड़ा गया है। उसके साथ इलाहाबाद और दिल्ली के रहने वाले दाो साथी भी हैं। युवक के पिता ने प्रधानमंत्री और विदेशमंत्री को पत्र लिखकर बेटे को छुड़ाने के लिए मदद मांगी है।
उरुवां, हाटा खुर्द गांव के रहने वाले राधेश्याम शाही ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में बताया कि उनका बेटा राहुल मर्चेंट नेवी में बतौर ट्रेनी नौकरी करता था। तीन मई 2015 को मुंबई के एक एजेंट ने राहुल को तुर्की भेजा। पांच जून को तुर्की में राहुल से इलाहाबाद और दिल्ली निवासी दो युवक मिले। तीनों एक मालवाहक जहाज से मोरक्को में हॉल्ट देकर यूरोप में जहान का ईंधन लेने गए। रास्ते में ड्रग्स माफियाओं ने 15 टन ड्रग्स जहाज में लोड कर दिया। 28 जून 2015 को लौटते समय स्पेन के मलागा में जहाज को ेड्रग्स ले जाने के जुर्म में पकड़ लिया गया।
कैप्टन ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। तीनों भारतीय युवकों को बेकसूर बताने के बाद भी पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया। दस महीने से तीनों वहीं जेल में बंद है। शाही ने बताया कि बेटे के गिरफ्तारी की जानकारी होने पर प्रधानमंत्री के साथ ही विदेश मंत्री को कई बार पत्र लिखा लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली।