गोरखपुर। सहायक आयुक्त औषधि के नेतृत्व में ड्ग विभाग की टीम ने शुक्रवार को सहजनवां में फर्जी डिग्री पर प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने बिना लाइसेंस चल रही दुकान में रखी करीब डेढ़ लाख की दवाएं भी सीज कर दीं। इस कार्रवाई से सहमे आसपास के दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर हट-बढ़ गए। इन दुकानदारों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
अलीगढ़ के सहायक आयुक्त औषधि आरपी पांडेय की अगुवाई में ड्रग विभाग की टीम बृहस्पतिवार से ही जिले में दवाओं की जांच की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को दिन में साढ़े ग्यारह बजे टीम गीडा पहुंची। यहां टीम ने जब लकी मेडिकेयर दुकान की जांच शुरू की तो दुकानदार लाइसेंस नहीं दिखा सका। टीम में शामिल अधिकारियों ने जब बोर्ड पर दर्ज डॉ. मनोज कुमार के बारे में पूछताछ की तो वह पास में ही बैठे मिल गए। उनकी डिग्री की जब जांच की गई तो वह भी फर्जी मिली। कालेसर निवासी डॉक्टर के पास रूरल मेडिकल प्रैक्टिसनर कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश का सर्टिफिकेट मिला जिसे टीम ने फर्जी करार दिया।
इसके बाद टीम ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने कथित डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया। विभाग की ओर से सहजनवां थाने में फर्जी तरीके से प्रैक्टिस करने और बिना लाइसेंस के दवा बेचने के खिलाफ तहरीर दी गई है। छापा मारने वाली टीम में इलाहाबाद के ड्रग इंस्पेक्टर मुकेश जैन, कानपुर नगर के एजाज, गोंडा के हेमंत, रामपुर के अनुरोध, संतकबीरनगर के देशबंधु विमल, गोरखपुर के ड्रग इंस्पेक्टर बृजेश यादव शामिल थे।