ठेकेदार अरविंद सिंह उर्फ मंटू हत्याकांड में आरोपी इनामी बदमाश आशुतोष भट्ट और निक्की को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। वहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। आरोपियों से पूछताछ के बाद एक और आरोपी की पहचान हो गई। बदमाश दीपक सिंह की तलाश में पुलिस कई जगहों पर दबिश दी है।
सोमवार की रात गोरखनाथ के बरगदवा मैरेज हाल में आयोजित तिलक कार्यक्रम में रामनगर मिर्जापुर पचपेड़वा निवासी रेलवे के ठेकेदार अरविंद कुमार सिंह उर्फ मंटू की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने ठेकेदार का रिवाल्वर भी लूट लिया था। पुलिस ने शाहपुर के असुरन निवासी आशुतोष भट्ट, गुलरिहा के शिवपुर शहबाजगंज निवासी दीपक सिंह और निक्की तथा दो अज्ञात के खिलाफ हत्या और लूट का केस दर्ज किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने इनाम घोषित किया।
बृृहस्पतिवार को पुलिस ने 25 हजार के इनामी आशुतोष भट्ट और 15 हजार के इनामी निक्की को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त आशुतोष की लाइसेंसी पिस्टल बरामद भी बरामद कर ली गई। शुक्रवार की दोपहर दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। बाद में उन्हें जेल भेज दिया गया। हत्या में शामिल दो अज्ञात में से एक आरोपी की पहचान हो गई। उसका नाम छोटू उर्फ करण बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार अरविंद सिंह का लूटा गया रिवाल्वर छोटू के पास है। दूसरे अज्ञात युवक की भी पहचान हो गई है, लेकिन पुलिस उसके बारे में जानकारी नहीं देना चाह रही है। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का कहना है कि दीपक सिंह की तलाश की जा रही है।
इनामी दीपक सिंह पुलिस पकड़ से दूर
मंटू सिंह हत्याकांड में 15 हजार का इनामी बदमाश दीपक सिंह पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस की जांच में पता चला कि बदमाश दीपक सिंह के रिश्तेदार के साथ अरविंद सिंह उर्फ मंटू ठेकेदारी का काम करते थे। दोनों एक-दूसरे से परिचित थे। ठेकेदारी के दौरान भी कई बार मनमुटाव की स्थिति पैदा हुई थी। हत्या करने के बाद दीपक सिंह ने अन्य आरोपियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया था। लाल बहादुर यादव, एमके सिंह समेत तीन हत्याकांड में आरोपी दीपक सिंह के ऊपर इनाम बढ़ाने जाने की तैयारी है। पुलिस फरार आरोपियों की संपत्तियों की कुर्की की तैयारी में जुटी है।