महराजगंज जिले की नौतनवां सीट से विधायक अमनमणि त्रिपाठी की पत्नी सारा की मौत की गुत्थी सुलझाने को एक बार फिर सीबीआई ने गोरखपुर में डेरा डाल दिया है। पत्नी सारा की मौत के आरोपी सजायाफ्ता पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के पुत्र व निर्दलीय विधायक अमनमणि के करीबी गुड्डू से बुधवार को सीबीआई ने करीब एक घंटे तक पूछताछ की। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक सारा की मौत के बाद गुड्डू से ही अमनमणि की बातचीत हुई थी। सीबीआई इसी बातचीत के बारे में जानना चाहती है। वहीं, चार और करीबियों से सीबीआई ने कुछ जानकारियां जुटाई हैं। 19 मई को कोर्ट में गवाह पेश करने के लिए सीबीआई साक्ष्य जुटा रही है।
गवाह की तलाश में सीबीआई के एडिशनल एसपी संतोष कुमार की अगुवाई में इंस्पेक्टर विजय कुमार यादव, ओम कुमार सहित सात सदस्यीय टीम गोरखपुर पहुंची है। सूत्रों की मानें तो बुधवार को टीम ने अमन के बेहद करीबी माने जाने वाले लक्ष्मीपुर निवासी गुड्डू से पूछताछ की है। सारा की मौत के बाद दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई थी। इसके अलावा एक पूर्व छात्रनेता और व्यापारी (जिसने अमन और सारा की मुलाकात कराई) को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। इन दोनों से गुरुवार को पूछताछ संभव है। सीबीआई की टीम पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में ठहरी है।
कई मोबाइल बंद कर भागे
सीबीआई के गोरखपुर आने की खबर से अमन के करीबियों की बेचैनी बढ़ गई है। अमन के तमाम करीबी अपना मोबाइल फोन बंद कर भाग खड़े हुए हैं। सब सीबीआई की पूछताछ से बचना चाह रहे हैं। हालांकि विधायक के करीबियों की पूरी लिस्ट लेकर सीबीआई गोरखपुर आई है।
महराजगंज भी जा सकती है टीम
महराजगंज में रहने वाले अमन के करीबियों से भी सीबीआई पूछताछ कर सकती है। इस सिलसिले में टीम के महराजगंज जाने की भी संभावना है। सीबीआई बारीकी से पूछताछ करने के साथ ही करीबियों के नाम गोपनीय रखना चाहती है।
चार्जशीट दाखिल कर चुकी है सीबीआई
सीबीआई सारा मामले में अमन को आरोपी मानते हुए पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। फिलहाल अमन जमानत पर हैं और इन दिनों बाहर हैं। लेकिन एक बार फिर सीबीआई की सक्रियता से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
ये था मामला
9 मई 2015 को अमनमणि की पत्नी सारा की मौत हो गई थी। तब यह सामने आया था कि फिरोजाबाद के पास हुए सड़क हादसे में उनकी मौत हुई है, मगर सारा की मां सीमा सिंह ने अमन पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करा दिया था। इसके कुछ दिनों बाद जांच के लिए केस सीबीआई को सौंप दिया गया था।