गोरखपुर। भाजपा सांसद कमलेश पासवान समेत पांच लोगों पर कैंट पुलिस ने अपहरण, जालसाजी का केस दर्ज किया है। बांसगांव के रहने वाले व्यक्ति ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर सांसद और उनके समर्थकों पर अपहरण कर जबरन रजिस्ट्री कराने का आरोप लगाया था।
घटना वर्ष 2013 की है। कोर्ट के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस छानबीन कर रही है। बांसगांव, टडवां के रहने वाले रामभवन ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बांसगांव के भाजपा सांसद कमलेश पासवान समेत पांच लोगों पर अपहरण कर जालसाजी से जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप लगाया था।
रामभवन का कहना था कि गुलरिहा क्षेत्र में उसके हिस्से की 26 डिस्मिल जमीन की रजिस्ट्री 10 जून 2013 को भाजपा सांसद कमलेश पासवान ने शाहपुर के जंगल अहमद अली शाह निवासी नरसिंह की पत्नी किरन देवी के नाम से कराई थी। रजिस्ट्री से इंकार कर देने पर मां और छोटे भाई के साथ उसका अपहरण कर बंधक बना लिया गया था।
रजिस्ट्री के लिए परिवार के लोगों को 20 लाख रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन सांसद और उनके समर्थकों ने एक भी रुपये नहीं दिए। रामभवन ने अपहरण कर जालसाजी से जमीन की रजिस्ट्री कराने के मामले में भाजपा सांसद के अलावा बेलीपार, भौवापार के रहने वाले पप्पू निषाद, खोराबार के खोखर टोला निवासी राकेश कुमार, शाहपुर के बशारतपुर निवासी कुंदन चौहान को आरोपी बनाया है।
साथ ही शिकायत पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। सीजेएम के निर्देश पर 20 जनवरी की रात कैंट पुलिस ने भाजपा सांसद कमलेश पासवान के साथ ही पप्पू निषाद, राकेश, कुंदन और किरन देवी पर अपहरण कर बंधक बनाने के साथ ही जालसाजी कर जमीन की रजिस्ट्री कराने का केस दर्ज किया है। एसओ कैंट श्यामलाल यादव ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
अपहरण कर जमीन की जबरन रजिस्ट्री कराने के किसी भी मामले में मैं शामिल नहीं हूं। साजिश के तहत झूठा आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस घटना से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मुझे नहीं दी है।- कमलेश पासवान, सांसद बांसगांव