सौरभ के हत्यारोपियों को जेल ले जाती पुलिस।
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एसएसपी आवास के पास हुए सनसनीखेज मर्डर केस के दो आरोपियों की कोर्ट में पिटाई हो गई। मंगलवार को दोनों सरेंडर करने पहुंचे थे। इसी बीच गुस्साए वकीलों ने उन्हें पीट दिया। पुलिस ने जैसे-तैसे उनको बचाया। कोर्ट के निर्देश पर दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर पुलिस ने जेल भेज दिया। पुलिस आरोपियों के समर्पण की सूचना से अलर्ट थी, मगर गिरफ्तार नहीं कर सकी।
पांच फरवरी, रात 10 बजे एसएसपी आवास के पास छात्रनेता सौरभ पांडेय को गोलियों से भून दिया गया था। सौरभ उस समय घर के बाहर टहल रहा था। घटना आरपीएम स्कूल के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में सौरभ के भाई नीरज की तहरीर पर विक्की यादव, वैभव सिंह, सुनील यादव समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। तभी से दोनों फरार चल रहे थे।
पुलिस ने दबाव बनाने के लिए आरोपियों को शरण देने के आरोप में इनके दो रिश्तेदारों को भी जेल भेजा था और फिर कुर्की की भी पैरवी कर रही थी। पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच विक्की और वैभव ने मंगलवार को आत्मसमर्पण कर दिया। उनके समर्पण करने की सूचना पाते ही अधिवक्ता जुट गए। इसी दौरान विक्की ने कुछ अपशब्द बोल दिया, जिसके बाद वकीलों ने दोनों की पिटाई शुरू कर दी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर दोनों को बचाया और कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेजा दिया।